शनिवार, 04 जून, 2005 को 00:38 GMT तक के समाचार
अमरीका के ग्वांतानामो बे शिविर में अमरीकी सुरक्षा गार्डों ने मुसलमानों की पवित्र किताब क़ुरान की प्रतियों पर पानी फेंका, ठोकर मारी और उन पर पेशाब भी छिड़का था.
अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ऐसी पाँच घटनाओं का पूरा विवरण जारी किया है जिनमें ग्वांतनामो बे शिविर में अमरीकी सुरक्षाकर्मियों ने क़ुरान का अपमान किया, कुछ घटनाओं में जानबूझकर और कुछ दुर्घटनावश.
एक अन्य घटना में क़ुरान की एक प्रति के अंदर एक अंग्रेज़ी अश्लील शब्द भी लिखा हुआ पाया गया.
अमरीकी पत्रिका न्यूज़वीक ने कुछ दिन पहले एक रिपोर्ट छापी थी कि ग्वांतनामो बे शिविर में सुरक्षा गार्डों ने क़ुरान की प्रतियों के कुछ पन्ने शौचालय में बहा दिए गए थे लेकिन बाद में न्यूज़वीक ने अपनी वह रिपोर्ट वापस ले ली थी.
इस रिपोर्ट के बाद पेंटागन ने इस मामले की जाँच शुरू की थी.
न्यूज़वीक की रिपोर्ट के बाद मुस्लिम देशों में इस पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी और अफ़गानिस्तान में उग्र विरोध प्रदर्शनों में 15 लोग मारे गए थे.
इस रिपोर्ट पर पाकिस्तान, भारत, ईरान, मिस्र, जॉर्डन, लेबनान और मलेशिया सहित कई देशों में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी और हज़ारों लोगों ने रैलियाँ निकालकर अमरीका से माँग की गई थी कि इस घटना के लिए माफ़ी माँगे और दोषियों को सज़ा दी जाए.
जाँच
इस मामले की सैन्य जाँच में कहा गया है कि क़ुरान के अपमान की ज़्यादातर घटनाएँ ग़ैरइरादतन हुईं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि एक घटना में एक सुरक्षा गार्ड ने जब एक रौशनदान के नज़दीक पेशाब किया तो कथित उसका पेशाब हवा से एक बंदी के कमरे में पहुँच गया और उसके हाथ में जो क़ुरान की प्रति थी उस पर भी गिर गया.
रिपोर्ट के मुताबिक उस सुरक्षा गार्ड को डाट-फटकार लगाई गई और उस पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया और बंदी को तुरंत नई वर्दी और क़ुरान की प्रति दी गई.
रिपोर्ट ने जाँच में पाया कि क़ुरान की कुछ अन्य प्रतियाँ उस समय भीग गई थीं जब रात्रि ड्यूटी के बाद एक गार्ड ने पानी से भरे गुब्बारे एक बंदी की कोठरी में फेंक दिए थे.
एक अन्य मामले में पूछताछ करने वाले एक सैन्यकर्मी ने क़ुरान की प्रति पर पैर रखने के लिए कथित रूप से माफ़ी माँगी थी.
चौथे मामले में एक सैनिक ने जानबूझकर क़ुरान की प्रति को ठोकर मारी थी और एक अन्य मामले में एक बंदी ने क़ुरान की प्रति के अंदर अंग्रेज़ी में कुछ अश्लील शब्द लिखे पाए.
ग्वांतानामो बे के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल जे हुड ने रिपोर्ट में निष्कर्ष दिया है कि ये अश्लील शब्द या तो किसी सुरक्षा गार्ड ने लिखे होंगे या फिर ख़ुद बंदी ने लिख दिए होंगे.
हुड ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने क़ुरान को टॉयलेट में बहाने संबंधी आरोप लगाए थे उसने अपने आरोप वापस ले लिए थे.
व्हाइट हाउस ने पत्रिका की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पत्रिका की इस रिपोर्ट से मुस्लिम देशों में अमरीका की छवि को "गहरा झटका" लगा है.