युद्धापराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र की अभियोजक कार्ला डेल पोंटे शुक्रवार को बोस्निया हर्ज़ेगोविना का दौरा कर रहे हैं.
उनकी यह यात्रा ऐसे मौक़े पर हो रही है जब इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सौंपी जानी है कि बोस्निया, क्रोएशिया और सर्बिया-मोंटीनीग्रो ने हेग स्थित युद्धापराध न्यायाधिकरण के साथ कितना सहयोग किया है.
ये तीनों देश पहले यूगोस्लाविया का ही हिस्सा थे.
कार्ला डेल पोंटे पहले ही सर्बिया-मोंटिनीग्रो और क्रोएशिया का दौरा कर चुकी हैं जहाँ उन्होंने अधिकारियों का आहवान किया था कि वे युद्धापराधों के अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने के लिए और ज़्यादा ठोस कार्रवाई करें.
बेलग्रेड में बीबीसी संवाददाता मैट प्रोडर का कहना है कि कार्ला डेल पोंटे ने छह महीने पहले सुरक्षा परिषद को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी और उसके बाद का समय काफ़ी घटनापूर्ण रहा है.
सर्बिया और मोंटिनेग्रो ने दर्जन भर से ज़्यादा युद्धापराध संदिग्धों का समर्पण कराया है.
कोसोवो के प्रधानमंत्री मुक़दमों का सामना करने के लिए हेग भी गए हैं और क्रोएशिया यूरोपीय संघ की सदस्यता की अपनी अर्ज़ी को ठंडे बस्ते में इसलिए पड़ा हुआ पाता है क्योंकि उसने महत्वपूर्ण भगोड़े जनरल एंटी गोटेविना को गिरफ़्तार नहीं किया है.
संयुक्त राष्ट्र की युद्धापराध अभियोजक कार्ला डेल पोंटे की इस क्षेत्र की यात्रा पर हमेशा ही ध्यान आकर्षित होता है और इस बार तो कुछ ज़्यादा ही हो रहा है.
सर्बिया में उनके पहुँचने के समय ही वहाँ के टेलीविज़न पर एक ऐसा वीडियो प्रसारित किया गया है जिसमें सर्ब अर्धसैनिक बलों को स्रेब्रेनिका में 1995 में मुसलमानों का संहार करते हुए दिखाया गया है.
इस वीडियो के बाद कुछ लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया लेकिन कार्ला को जिन दो बड़े नेताओं की तलाश है उनमें से किसी को भी नहीं पकड़ा गया है.
ये दो बड़े नेता हैं - बोस्निया के पूर्व सर्ब नेता रादोवान करादज़िक और उनके सैन्य सहयोगी रात्को म्लादिक.
इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने ही स्रेब्रेनिका में नहसंहार कराया जिसमें साढ़े सात हज़ार से ज़्यादा लोग और किशोर मारे गए थे.