रविवार, 29 मई, 2005 को 09:39 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के एक समाचारपत्र ने जेल में बंद इराक़ के पूर्व उपप्रधानमंत्री तारिक़ अज़ीज़ के नाम से एक पत्र प्रकाशित किया है.
समाचारपत्र 'ऑब्ज़र्वर' में प्रकाशित ये पत्र 'पूरी दुनिया के लोगों' के नाम लिखा गया है जिसमें उन्होंने स्वयं को एक गंभीर स्थिति से निकालने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की गई है.
ऑब्ज़र्वर में प्रकाशित पत्र में तारिक़ अज़ीज़ कहते हैं कि वे निर्दोष हैं और उन्हें ग़लत तरीक़े से जेल में रखा जा रहा है.
अख़बार के अनुसार अंग्रेज़ी और अरबी भाषा में उन्होंने ये पत्र 21 अप्रैल को लिखा.
इस पत्र में अज़ीज़ कहते हैं,"ये अंतरराष्ट्रीय क़ानून, जिनेवा समझौते और इराक़ी क़ानून का सीधा उल्लंघन है".
कथित तौर पर अपनी वक़ील की डायरी से लिए गए पन्नों पर लिखी इस चिट्ठी में तारिक़ अज़ीज़ ने अच्छे बर्ताव और निष्पक्ष मुक़दमे की माँग की है.
तारिक़ अज़ीज़
तारिक़ अज़ीज़ का नाम उन 55 व्यक्तियों में शामिल था जिनकी तलाश के लिए अमरीकी सेना ने 55 ताश के पत्ते जारी किए थे.
अज़ीज़ ने दो साल पहले अमरीकी सेना के समक्ष समर्पण कर दिया था.
उनपर, सद्दाम हुसैन और उनके अन्य मंत्रियों समेत, मुक़दमा चलाया जाना है.
तारिक़ अज़ीज़ को बग़दाद के बाहर एक अमरीकी जेल में रखा गया है.
समझा जाता है कि इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को भी इसी जेल में रखा गया है.
समाचारपत्र का कहना है कि इस जेल में उन्हें तथा अन्य बंदियों को बिल्कुल एकांत में रखा गया है और उन्हें उनके रिश्तेदारों से नहीं मिलने दिया जाता.