गुरुवार, 26 मई, 2005 को 09:39 GMT तक के समाचार
इराक़ में चरमपंथी अभियानों को चलाने के लिए अल क़ायदा के नए प्रमुख की नियुक्ति को लेकर विरोधाभासी ख़बरें आ रही हैं.
एक वेबसाइट में इस संबंध में एक बयान आया जिसमें कहा गया कि नए प्रमुख की नियुक्ति की गई है लेकिन इसके बाद अल क़ायदा द्वारा अक्सर अपने संदेश देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वेबसाइट में बयान आया है कि यह ग़लत है.
पिछले दिनों इराक़ में अल कायदा के अभियान चलाने वाले अबू मूसब अल ज़रकावी के घायल होने के बाद यह ख़बर आई है.
इस्लामी वेबसाइट के संदेश के अनुसार नए प्रमुख का नाम है अबू हफ्स अल क़ारनी.
दोनों ही वेबसाइटों के संदेशों की पुष्टि नहीं हो सकी है.
मंगलवार को एक वेबसाइट पर ही ज़रकावी के घायल होने की भी सूचना आई थी.
नया प्रमुख
अबू हफ्स क़ारनी के बारे में लोगों को कम ही जानकारी है लेकिन बयान के अनुसार ज़रकावी के नेतृत्व में क़ारनी ने इराक़ में कई ख़तरनाक अभियानों को अंज़ाम दिया है.
बीबीसी संवाददाता कैरोलीन हॉवले का कहना है कि अल क़ायदा के सदस्यों या उनके नेतृत्व के बारे में कुछ भी कहना बहुत मुश्किल है क्योंकि जानकारी बहुत सीमित है.
इराक़ में कई ख़तरनाक चरमपंथी हमलों की ज़िम्मेदारी ज़रकावी के गुट ने ली है.
ज़रकावी का दावा है उसके गुट ने कई हमले अंज़ाम दिए हैं और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है.
इराक़ में इस समय सर्वाधिक वांछित तत्वों में से एक ज़रकावी के सर पर अमरीका ने ढाई करोड़ का ईनाम घोषित किया हुआ है.
अपुष्ट ख़बरों के अनुसार कुछ हफ्तों पहले इराक़ सीरिया सीमा पर अमरीकी सैनिकों की एक कार्रवाई में एक पैर वाले ज़रकावी बुरी तरह घायल हो गए थे.
चरमपंथी हमले
इंटरनेट पर छपे बयान में अल क़ायदा के हवाले से कहा गया है " अल क़ायदा के नेतृत्व ने ज़रकावी से मुलाक़ात की. खुदा उन्हें अच्छी सेहत दे. इसके बाद नए प्रमुख को नियुक्त करने का फ़ैसला किया गया ताकि ज़रकावी को आराम मिल सके."
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अगर ज़रक़ावी वाकई घायल हुए हैं या मारे गए हैं तो यह इराक़ की अंतरिम सरकार और अमरीकी सेना के लिए अच्छी ख़बर होगी.
लेकिन इससे यह उम्मीद करना ग़लत होगा कि सभी चरमपंथी हमले रुक जाएंगे.
इंटरनेट पर छपे बयान में सभी मुस्लिमों से नए नेतृत्व के लिए दुआएं मांगने को भी कहा गया है.