सोमवार, 09 मई, 2005 को 14:57 GMT तक के समाचार
एक वक़्त था जब अमरीका में लाल मिर्च की चटनी के नाम से लोग घबराते थे. लेकिन अब वहाँ तीखी लाल मिर्च की चटनी 'टबैस्को सॉस' का इस्तेमाल इतना बढ़ा है कि अब इसे मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा है.
पिछले कई सालों से मिर्च की चटनी बनाने वाले लोग नए-नए प्रयोग करके मिर्च को औऱ तीखा बनाने में लगे हुये हैं.
जब आप ऐसी चटनी का स्वाद लें, तो आपको कैसा महसूस होगा- इसका अंदाज़ा इनके नामों से ही हो जाता है.
इनमें से एक सॉस का नाम है-आफ़्टर डेथ सॉस यानी मौत के बाद और इन्सैनिटी सॉस यानी दिमाग़ी संतुलन बिगाड़ने वाली चटनी, कहिए कितना करारा झटका लगा.
इन चटनियों के तीखेपन को बाक़ायदा यूनिटों में मापा जाता है. चटनी में जितनी ज़्यादा यूनिट, उतना करारा झटका.
हालांकि सॉस निर्माताओं का ये कहना है कि साढ़े तीन सौ यूनिट के बाद तो पैमाना भी जवाब दे देता है.
ब्लेयर लैज़र ऐसी ही मिर्च की चटनी बनाते हैं. उनका दावा है कि उनका बनाया हुआ मिर्च पाउडर इतना तेज़ है कि फ़ैक्टरी में काम करने के लिए लोगों को विशेष क़िस्म के सूट और चेहरे को ढकने के लिए मास्क पहनने पड़ते हैं.
ब्लेयर का कहना है कि जब उन्होंने मिर्च के इस पाउडर को चखने की कोशिश की तो उनकी ज़बान जल गई और कई दिनों तक तकलीफ़ उठानी पड़ी.
लेकिन इंटरनेट पर एक खोज के दौरान ये पाया गया कि दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो तेज़ मिर्च के दीवाने हैं. कहीं आप भी लाल-लाल तीखी-तीखी मिर्ची के दीवानों में से तो नहीं.