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सोमवार, 09 मई, 2005 को 17:04 GMT तक के समाचार

ग़ज़ा पट्टी से बस्तियाँ हटाने में देरी

इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने इसकी पुष्टि की है कि गज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों और सैनिकों को हटाने की योजना में देरी होगी.

अब यहूदी बस्तियों को हटाने की योजना अगस्त के मध्य तक लागू नहीं पाएगी क्योंकि इस समय यहूदी 'तिशा बे अव' के तहत शोक मनाते हैं.

पहले गज़ा से यहूदी बस्तियों को हटाने और सैनिकों की वापसी की तारीख़ 25 जुलाई तय की गई थी.

प्रधानमंत्री शेरॉन की योजना है कि वहाँ मौजूद 21 यहूदी बस्तियाँ हटा दी जाएँगी लेकिन इलाक़े पर इसराइल का ही नियंत्रण रहेगा.

प्रधानमंत्री शेरॉन ने इसराइली टीवी पर दिए एक इंटरव्यू में बताया, "तिशा बे अव के शोक दिवस के तुरंत बाद हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी. ये 15, 16 या 17 अगस्त को हो सकता है. मैं किसी निश्चित दिन का वादा नहीं करता."

दूसरी ओर इसराइल के विदेश मंत्री सिल्वन शैलोम ने कहा है कि अगर चरमपंथी संगठन हमास जुलाई में होने वाला फ़लस्तीनी संसदीय चुनाव जीत लेता है, तो गज़ा योजना पर फिर से विचार करना ज़रूरी हो सकता है.

संभावना

हमास की संभावित जीत के बारे में सवालों का जवाब देते हुए शैलोम ने कहा कि ऐसी स्थिति में उन्हें इस योजना को आगे बढ़ाना ठीक नहीं लगता.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि शेरॉन की योजना बदलने का एक कारण ये भी हो सकता है कि यहूदी बस्तियों को हटाने के बाद विस्थापितों के लिए नया घर जुलाई के आख़िर से पहले तैयार नहीं हो सकता.

साथ ही बेरोज़गारों के लिए रोज़गार की व्यवस्था करना भी उनके लिए सिरदर्द बना हुआ है.

संवाददाताओं का कहना है कि शेरॉन कुछ यहूदी बस्तियों को जबरन हटाने की तैयारी के लिए भी समय चाहते थे.

रविवार को ही अधिकारियों ने एक कट्टपंथी यहूदी को गिरफ़्तार किया है और बिना किसी आरोप के पाँच महीने के लिए हिरासत में भेज दिया है.

इसे उस कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत गज़ा योजना को लागू करने में विरोध को नाकाम करने की बात की जा रही है.

इस बीच उप प्रधानमंत्री शिमॉन पेरेज ने कहा है कि गज़ा में यहूदी बस्तियों को नष्ट करने से गज़ा योजना को नुक़सान पहुँच सकता है. उन्होंने कहा कि घरों को तोड़ने से बस्तियों को हटाने की प्रक्रिया में और समय लग सकता है.