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सोमवार, 02 मई, 2005 को 23:57 GMT तक के समाचार

इटली ने अमरीकी दावे पर सवाल उठाए

इटली ने अपने एक सीक्रेट एजेंट की इराक़ में अमरीकी सैनिकों की गोलीबारी में मारे जाने पर अपनी जाँच रिपोर्ट जारी कर दी है.

इसी मामले में अमरीकी रिपोर्ट से अलग इटली की रिपोर्ट में गोलीबारी के लिए अमरीकी सैनिकों में मानसिक तनाव और उनके कम अनुभवी होने को ज़िम्मेदार ठहराया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमरीकी सैनिकों को इसका संकेत देना चाहिए था कि सड़क पर एक सुरक्षा चौकी भी है.

इराक़ में बंधक बनाईं गईं इतालवी पत्रकार जुलियाना स्ग्रेना को रिहा कराने के बाद सीक्रेट एजेंट निकोला कैलीपारी उन्हें लेकर बग़दाद हवाई अड्डे की ओर जा रहे थे जब अमरीकी सैनिकों ने उनकी कार पर गोलीबारी की.

मार्च में हुई इस घटना में निकोला कैलीपारी मारे गए थे. उसके बाद अमरीका और इटली ने एक महीने तक इस हत्या की संयुक्त रूप से जाँच की.

लेकिन जाँच रिपोर्ट के निष्कर्ष पर मतभेद हो गए और इटली के अधिकारियों ने रिपोर्ट के नतीजे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया क्योंकि इस रिपोर्ट में अमरीकी सैनिकों को आरोपमुक्त कर दिया गया था.

अब इटली ने अपनी अलग रिपोर्ट जारी की है. पहले यह रिपोर्ट रोम स्थित अमरीकी राजदूत को सौंपी गई और बाद में इसे ख़ुफ़िया सेवा की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया गया.

रिपोर्ट

इटली की ये रिपोर्ट उसके दो वरिष्ठ ख़ुफ़िया अधिकारियों ने लिखी है जिन्हे अमरीका और इटली की संयुक्त जाँच में हिस्सा लेने को भी आमंत्रित किया गया था.

इन दोनों अधिकारियों ने संयुक्त जाँच के तरीक़े पर आपत्ति उठाई और रोम वापस लौट आए. अब इन अधिकारियों की रिपोर्ट इटली ने प्रकाशित की है.

रिपोर्ट में सड़कों पर लगाए जाने वाले अवरोधों को ग़लत बताया गया है. यह भी कहा गया है कि जिस सैनिक ने समुचित चेतावनी के बिना गोली चलाई, वह मानसिक तनाव में था और कम अनुभवी था.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उस चौकी के बारे में आम नागरिकों या सैनिकों को अवगत कराने की उचित व्यवस्था भी नहीं थी.

रिपोर्ट में अमरीकी अधिकारियों के उस दावे को ग़लत बताया गया है जिसमें कहा गया है कि बग़दाद स्थित अमरीकी सैनिक कमान को इतालवी बंधक को छुड़ाने के अभियान के बारे में जानकारी नहीं थी.

हालाँकि इस रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि सीक्रेट एजेंट के वाहन पर जान-बूझकर कर गोलीबारी की गई.

इटली की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि जिस समय कार पर गोलियाँ चलाई गई उसकी रफ़्तार 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटा थी जबकि अमरीकी अधिकारियों का आरोप है कि कार की रफ़्तार इससे दोगुनी थी.

कैलीपारी की हत्या की जाँच रिपोर्ट पर इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी गुरुवार को संसद में बयान देंगे.