शुक्रवार, 29 अप्रैल, 2005 को 17:12 GMT तक के समाचार
अमरीका और इटली के अधिकारियों ने इराक़ में अमरीकी सैनिकों के हाथों मारे गए इटली के एक ख़ुफ़िया एजेंट के मामले में जाँच पूरी करली है लेकिन नतीजों को लेकर वे किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए हैं.
एजेंट निकोला कैलीपारी को अमरीकी सैनिकों ने उस समय अपनी गोलियों का निशाना बनाया था जब वह एक इतालवी बंधक को बग़दाद के हवाई अड्डे ले जा रहे थे.
कैलीपरी ने ही बंधक बनाई गई महिला पत्रकार जिलियाना स्गरीना की रिहाई के लिए अपहरणकर्ताओं से बातचीत की थी.
इस पत्रकार को क़रीब एक महीने से इराक़ में बंधक बनाया हुआ था और इस एजेंट ने बातचीत के ज़रिए उसे छुड़ाने में कामयाबी हासिल की थी.
अमरीकी सेना ने कहा है कि उसके सैनिकों ने इटली के इन लोगों पर इसलिए गोलियाँ चलाईं क्योंकि वे रुकने की चेतावनियों की अनदेखी करके आगे बढ़ते रहे.
हालाँकि छुड़ाई जाने वाली पत्रकार गुइलियाना स्गरीना ने इसे ग़लत बताया है और कहा है कि उनकी कार सामान्य रफ़्तार से चल रही थी लेकिन फिर भी उनकी कार पर गोलियाँ की बौछार कर दी गई.
इस बारे में जाँच के बाद दोनों अमरीकी और इतालवी अधिकारियों का कहना है कि हालाँकि वे कई तथ्यों पर सहमत थे लेकिन किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुँच पाए.
इस हत्या ने इटली में रोष की एक लहर दौड़ा दी थी और इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कानी पर दबाव बढ़ने लगा था कि वह इराक़ से अपने तीन हज़ार सैनिक वापस बुलाएँ.
समझा जाता है कि जाँचकर्ता अब अपने-अपने देशों की सरकारों को अपनी रिपोर्टें सौंपेंगे.