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सोमवार, 25 अप्रैल, 2005 को 03:28 GMT तक के समाचार

बचाव कार्यों में सैनिक भी जुटे

जापान में एक रेल दुर्घटना में 73 लोग मारे गए हैं और 400 से ज़्यादा लोग घायल हो गए हैं और दुर्घटना में जीवित बचे लोगों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है.

राहत और बचाव कार्यों में सैनिक भी जुट गए हैं और रात होने की वजह से कुछ दिक्कतें तो आ रही हैं मगर पर्याप्त रौशनी के इंतज़ाम किए गए हैं.

ओसाका के पास हुई इस दुर्घटना के चौबीस घंटे बाद भी बहुत से लोग अब भी मलबे में फँसे हुए हैं.

राहतकर्मियों ने कम से कम तीन ऐसे लोगों को बचाने में कामयाबी हासिल की है जिनकी साँस चल रही थी.

पिछले 40 वर्षों में जापान में हुई ये सबसे भीषण रेल दुर्घटना है. जापान में रेलगाड़ियाँ तकनीकी तौर पर दुनिया में सबसे ज़्यादा सुरक्षित मानी जाती हैं.

दुर्घटना पश्चिमी जापान में ओसाका के पास हुई जहाँ एक ट्रेन पटरी से उतर गई और एक इमारत से जा टकराई.

इस ट्रेन में छह सौ लोग सवार थे.

राजधानी टोकियो से लगभग 400 किलोमीटर दूर अमागासाकी शहर में ये दुर्घटना सुबह बहुत व्यस्त समय में नौ बजकर 20 मिनट पर हुई.

इस दुर्घटना में रेलगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए और एक डिब्बा इमारत से टकराने के बाद टूटकर जो हिस्सों में गया.

फ़िलहाल सैकड़ों बचावकर्मी दुर्घटनास्थल पर पहुँच गए हैं और घायलों को इलाज के लिए ले जाया रहा है.

घटना स्थल के क़रीब विशेष चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं.

नया ड्राइवर

जाँचकर्ता अपना ध्यान चालक पर केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि चालक कम अनुभवी था. कुछ यात्रियों ने कहा है दुर्घटना के समय रेलगाड़ी बहुत तेज़ रफ़्तार से चल रही थी.

रेलगाड़ी को चलानेवाली कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया है कि रेलगाड़ी सुबह छूटने के थोड़ी ही देर बाद एक क्रॉसिंग पर पटरी से उतर गई.

दुर्घटना में बचे कुछ लोगों ने कहा है कि ऐसा लग रहा था कि रेलगाड़ी बहुत तेज़ गति से चल रही थी और पटरी से उतरने से पहले हिलने लगी.

रेलगाड़ी के ड्राइवर को गंभीर चोट आई है मगर वह बच गया है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

ड्राइवर की उम्र केवल 23 वर्ष थी और उसे काम शुरू किए हुए साल भर भी नहीं हुआ था.