शनिवार, 02 अप्रैल, 2005 को 08:15 GMT तक के समाचार
ज़िम्बाब्वे में हुए संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की पार्टी ज़ानू-पीएफ़ ने ज़बरदस्त जीत हासिल की है.
सत्ताधारी ज़िम्बाब्वे अफ़्रीकन नेशनल यूनियन- पॉपुलर फ़्रंट को 120 सीटों में से 69 सीटों पर जीत मिली है.
विपक्षी दल मूवमेंट फ़ॉर डेमोक्रेटिक चेंज या एमडीसी को अभी तक केवल 35 सीटें मिल सकी हैं.
वैसे संसद में सीटें 150 हैं लेकिन इनमें से 30 सीटों पर सदस्यों को नियुक्त करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है.
धाँधली के आरोप
ज़िम्बाब्वे के विपक्षी दल ने गुरूवार को हुए चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है.
एमडीसी नेता मॉर्गन शांगिराई ने कहा,"हमें लगता है कि ज़िम्बाब्वे की जनता को अपने मत की रक्षा करनी चाहिए, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए दिए गए अधिकार की रक्षा करनी चाहिए, जो उनको नहीं दिए जा रहे".
मगर पिछले 25 वर्षों से सत्ता में बने हुए राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने विपक्ष के आरोपों को बकवास बताया है.
ज़िम्बाब्वे के चुनाव को अमरीका आदि पश्चिमी देशों ने भी पाखंड बताया है .
मगर ज़िम्बाब्वे के पड़ोसी दक्षिण अफ़्रीकी देशों के पर्यवेक्षकों ने आमतौर पर चुनाव का समर्थन किया है और इसे खुला व पारदर्शी बताया है.
अधिकार
मुगाबे की पार्टी ने इस तरह संसद में दो तिहाई बहुमत हासिल कर ली है और अब वह देश के संविधान में परिवर्तन करवा सकती है.
राष्ट्रपति मुगाबे लंबे समय से ये कहते रहे हैं कि वे संसद में एक और सदन - सेनेट - का गठन चाहते हैं.
उनके आलोचक उनपर आरोप लगाते हैं कि उनकी ये कोशिश बस नए सदन में केवल अपने समर्थकों को बिठाने की एक चाल है.