बुधवार, 30 मार्च, 2005 को 04:04 GMT तक के समाचार
इंडोनेशिया के तट के पास आए भूकंप से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने के प्रयास बड़े पैमाने पर किए जा रहे हैं लेकिन ख़राब मौसम से रुकावटें आ रही हैं.
आधिकारिक अनुमान के अनुसार वहाँ एक हज़ार लोग मारे गए हैं.
इंडोनेशिया के समुद्री जहाज़ राहत सामग्री लेकर प्रभावित इलाक़ों में पहुँच रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया राहत सामग्री के साथ एक समुद्री जहाज़ और दो विमान भेज रहा है.
लेकिन सुमात्रा से बुरे मौसम के कारण विमान खाद्य सामग्री, तंबू और अन्य राहत सामग्री लेकर उड़ान नहीं भर पा रहे.
भीषण बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. ब्रितानी राहत संस्था ऑक्सफ़ैम के अनुसार न्यास प्रांत से लगभग 400 शव निकाले जा चुके हैं.
संयुक्त राष्ट्र के दल
उधर संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षण दल इंडोनेशिया के प्रभावित प्रांतों - न्यास और सिमल्यू टापुँओ में स्थिति का जायज़ा लेने के लिए पहुँच गए हैं.
प्राथमिक रिपोर्टों में उन्होंने कहा है कि सिमल्यू में तो स्थिति बेहतर है लेकिन न्यास में गंभीर तबाही हुई है.
जिनेवा से संयुक्त राष्ट्र दफ़्तर से मिली जानकारी के अनुसार इमोजेन फ़ॉक्स बताते हैं कि न्यास के मुख्य शहर गुनुंग सितोली में कई लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं.
अपुष्ट ख़बरों के मुताबिक वहाँ दो सौ लोगों के मारे जाने का समाचार है लेकिन राहत कर्मियों का कहना है कि ये संख्या बढ़ सकती है.
गुनुंग सितोली में पहुँचे ब्रितानी राहत संस्था ऑक्सफ़ैम के जेरमी डी लार्ज का कहना था, "आधा शहर तबाह हो गया है, कई इमारतें गिर गई हैं और कई लोग मारे गए हैं. लोग पहाड़ी इलाक़ो में भाग गए हैं. उन्हें डर था कि क्षेत्र में सुनामी लहरों से फिर भीषण तबाही हो सकती है."
ये दल फ़िलहाल इस शहर के बाहर की स्थिति का जायज़ा नहीं ले पाए हैं. उनके अनुसार बिजली की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित है और लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल रहा.
एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस जगह से मात्र 200 किलोमीटर की दूरी पर आई पिछली सुनामी लहरों के बाद ऐसा लगता है कि कई सबक सीखे गए हैं राहत सामग्री पहुँचाने के यतन किए जा रहे हैं.
उधर संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि तंबुओं, खाद्य सामग्री और दवाओं की सख्त ज़रूरत है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 500 किलोग्राम खाद्य सामग्री और पाँच सौ तंबू भेजे हैं.
निरीक्षण दलों ने दूसरे टापू सिमल्यू में पाया कि हवाई अड्डा सुरक्षित है और राहत संस्थाएँ आसपास के इलाकों में चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान कर रही हैं.