मंगलवार, 29 मार्च, 2005 को 07:15 GMT तक के समाचार
इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच कर रहे आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अन्नान ने अपने पद का दुरूपयोग किया हो इसके सबूत नहीं मिले हैं.
लेकिन इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोफ़ी अन्नान को मामले की पूरी और जल्दी जाँच करानी चाहिए थी.
इस रिपोर्ट में अन्नान के पुत्र कोजो अन्नान और तेल के बदले अनाज कार्यक्रम की निगरानी करने का ठेका लेने वाली वाली कंपनी कॉटेक्ना के संबंधों की छानबीन की गई है.
अन्नान के पुत्र कोजो इसी कंपनी के लिए काम करते थे.
अमरीका की फेडरल रिजर्व के पूर्व चेयरमैन पॉल वॉकर की अध्यक्षता में गठित पैनल की रिपोर्ट में कोफ़ी अन्नान की आलोचना की गई है.
अन्नान का दूसरा कार्यकाल अगले साल के अंत में ख़त्म हो रहा है और उन्होंने संकेत दिया है कि वो तीसरी बार इस पद पर नहीं आना चाहेंगे.
हालांकि अन्नान के सहयोगियों का कहना है कि अन्नान ने कोई ग़लत काम नहीं किया है इसलिए इस रिपोर्ट से उनकी छवि ख़राब नहीं होगी.
अंतरिम रिपोर्ट में इस बात की छानबीन की गई कि क्या कोजो अन्नान और स्विस कंपनी कॉटेक्ना को अनाज के बदले तेल कार्यक्रम की निगरानी का अनुबंध संयुक्त राष्ट्र से मिलने में कोई संबंध है.
जांच इस बात की भी हुई कि क्या कोफी अन्नान ने इसमें कोई भूमिका निभाई.
निराशा और आश्चर्य
संयुक्त राष्ट्र ने 1998 में कॉटेक्ना को इराक़ में अनाज के बदले तेल कार्यक्रम की निगरानी करने का ठेका सौंपा था. 1998 में इराक़ पर सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध लगे थे और उसे केवल खाद्य पदार्थों के बदले तेल बेचने की ही अनुमति थी.
कॉटेक्ना से पहले लायड्स रजिस्टर इंस्पेक्शन लिमिटेड यह काम देख रही थी जिसने पाया कि इराक़ में सिर्फ मानवीय मदद ही जा रही है.
कॉटेक्ना को यह ठेका मिलने से पहले कोफ़ी अन्नान के पुत्र कोजो इस कंपनी के लिए काम करते थे. काक्टेना और कोजो दोनों का कहना है कि कोजो का काम अफ्रीका से जुड़ा हुआ था न कि इराक़ से
हालांकि कोजो ने कॉटेक्ना को यह ठेका मिलने के बाद भी कंपनी के लिए काम किया लेकिन काक्टेना का कहना है कि इसका ताल्लुक भी अनाज के बदले तेल कार्यक्रम से नहीं है.
इस ठेके के बाद कंसल्टेंट के तौर पर कॉटेक्ना ने कोजो अन्नान को तीन लाख 65 हज़ार डालर की राशि दी है.
कोफ़ी अन्नान ने इस बात पर निराशा और आश्चर्य व्यक्त किया है कि कोजो ने उनसे यह बात छिपाई कि 1988 में काक्टेना को ठेका मिलने के बाद भी वो कॉटेक्ना से कंसल्टेंट के तौर पर पैसे लेते रहे.