शनिवार, 26 मार्च, 2005 को 00:45 GMT तक के समाचार
किर्गिस्तान में गुरूवार के विद्रोह के बाद सत्ता पर क़ब्ज़ा करनेवाले विपक्षी दलों ने राजधानी बिश्केक में हालात पर नियंत्रण के लिए क़दम उठाए हैं.
अंतरिम सरकार के प्रमुख और कार्यवाहक राष्ट्रपति कूर्मानबेक बाकिएफ़ ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता देश में स्थिरता लाना रहेगी.
गुरूवार को तख़्तापलट और उसके बाद रात भर चली लूट-पाट के बाद राजधानी बिश्केक में दिन शुक्रवार को आश्चर्यजनक रूप से शांत रहा.
दूकानें खुलीं और बसें भी चलीं. मगर शाम घिरते-घिरते पुलिस जहाँ-तहाँ जमा हुए युवकों की भीड़ को हटाने निकल पड़ी जिसके बाद कर्फ़्यू लगाए जाने की ख़बर आई.
किर्गिस्तान से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि किर्गिस्तान में क्रांति बेशक संपन्न हो गई है मगर हिंसा का ख़तरा अभी टला नहीं है.
अंतरिम सरकार
कार्यवाहक राष्ट्रपति कूर्मानबेक बाकिएफ़ ने देश की नई अंतरिम सरकार में प्रमुख विपक्षी नेताओं को विदेश और रक्षा मंत्री बनाया है.
गृहमंत्री का दायित्व दिया गया एक पूर्व मुख्य अभियोक्ता को जिनको कि अपदस्थ राष्ट्रपति असगर अकायेफ़ ने एक सप्ताह पहले पद से हटा दिया था.
साथ ही गुरूवार को विरोध प्रदर्शनों के बीच रिहा किए गए एक अन्य नेता को क़ानून पालन करवानेवाली संस्था का प्रमुख बनाया है.
अकायेफ़ का बयान
इस बीच इस बीच अपदस्थ राष्ट्रपति असगर अकायेफ़ ने देश से बाहर किसी जगह से एक बयान जारी कर विपक्ष पर तख़्तापलट का आरोप लगाया है.
उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने इस्तीफ़ा दिया है.
एक विपक्षी नेता अदिल बेसालोफ़ ने इस क़दम को ज़रूरी बताया और ये स्वीकार किया कि गुरूवार को जो हुआ वह विद्रोह था.
उन्होंने कहा,"हम ये देख रहे हैं पिछली सरकार के सारे लोग बाहर निकलें, असल में सरकार का जाना लंबे समय से टला आ रहा था, और हम इस बात से इनकार नहीं कर रहे कि ये क्रांति है, यह जनविद्रोह है और इसमें ज़रा भी संदेह नहीं."
कार्यवाहक राष्ट्रपति कूर्मानबेक बाकिएफ़ ने कहा है कि अकायेफ़ अगर देश लौटते हैं तो वे उनको सुरक्षा देने की पूरी व्यवस्था करेंगे, मगर उन्होंने कहा कि लोग उनसे बेहद नाराज़ हैं.
बाकिएफ़ ने कहा,"मैं उनके साथ बरसों काम कर चुका हूँ और उनको सुरक्षा देना चाहता हूँ. मगर उनके और उनके परिवार के लोगों के प्रति लोगों में नाराज़गी भीतर तक है और ये जल्दी ख़त्म नहीं होगी जिससे अगर वे लौटते हैं तो इसमें ख़तरा रहेगा."