शनिवार, 12 मार्च, 2005 को 12:29 GMT तक के समाचार
सीरिया की यात्रा पर गए संयुक्त राष्ट्र के दूत टेयरे रोड लार्सन ने कहा है कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद ने लेबनान से सैनिकों की वापसी के सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को मान लिया है.
इस प्रस्ताव में ये माँग की गई है कि सीरिया लेबनान से अपने सैनिकों और ख़ुफ़िया अधिकारियों को पूरी तरह से वापस बुला लेगा.
संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने अलेप्पो शहर में सीरियाई राष्ट्रपति के साथ मुलाक़ात के बाद ये घोषणा की.
लार्सन के बयान का लेबनान में स्वागत हुआ है.
ऐसा माना जा रहा है कि सेना की वापसी की समय सारिणी भी तय हो गई है.
इस समय सारिणी के बारे में दुनिया को तभी पता चलेगा जब लार्सन संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान को अगले सप्ताह अपनी रिपोर्ट देंगे.
लार्सन ने बताया कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के साथ, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से जुड़े सभी पहलुओं पर बातचीत हुई, लार्सन का कहना है कि यह बातचीत बहुत ही रचनात्मक रही और वे राष्ट्रपति असद के वादे को लेकर बहुत उत्साहित हैं.
संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व दूत ने इस बैठक के बाद कहा, "राष्ट्रपति असद ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के मुताबिक़, लेबनान से सभी सैनिकों और गुप्तचरों को हटा लेने का वादा किया है. सीरियाई सैनिकों की वापसी दो चरणों में होगी. मार्च महीने के अंत तक सभी सीरियाई सैनिक और गुप्तचर बेका घाटी में जमा होंगे जहाँ से उन्हें सीरिया में दूसरी जगहों पर तैनात किया जाएगा."
लेबनान में सीरियाई सैनिक पहले ही पीछे हटने लगे हैं, कुछ घर लौट रहे हैं और कुछ को पूर्वी बेका घाटी में तैनात किया जा रहा है.
लेबनान में सीरियाई सैनिक पिछले 29 वर्षों से तैनात रहे हैं. बेरूत के पास की पहाड़ियों पर से सीरियाई सैनिकों ने अपना सारे बंकर हटा लिए हैं.
लेकिन ख़ुफ़िया अधिकारियों के बारे में कुछ भी पक्के तौर पर कहना मुश्किल है. लेबनान के ज़्यादातर लोग इस घटनाक्रम को सकारात्मक बता रहे हैं और प्रसन्नता प्रकट कर रहे हैं. लेकिन यह तो पहला चरण है.
कुछ लोग सीरिया के पूरी तरह लेबनान से निकल जाने के वादे को संदेह की नज़र से भी देख रहे हैं.
इसके अलावा कुछ लोगों को सीरिया समर्थित लेबनानी ख़ुफ़िया एजेंसी की भी चिंता है, कोई नहीं जानता कि सीरियाई सेना की वापसी के बाद इन गुप्तचरों की भूमिका क्या होगी.