रविवार, 06 मार्च, 2005 को 07:55 GMT तक के समाचार
इटली में ख़ुफ़िया सेवा के उस एजेंट के अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही है जो इराक़ में अमरीकी सेनाओं के हाथों मारा गया था.
इस ख़ुफ़िया एजेंट की मौत की वजह से इटली और अमरीका के बीच तनाव भी बढ़ रहा है.
इटली की ख़ुफ़िया सेवा के 51 वर्षीय एजेंट निकालो कैलीपरी ने अपने ही देश के एक बंधक को रिहा करने में कामयाबी हासिल की थी और जब वह उसे लेकर बग़दाद हवाई अड्डे की तरफ़ बढ़ रहे थे तो उन्हें गोलियों से मार दिया गया.
इस पत्रकार को क़रीब एक महीने से इराक़ में बंधक बनाया हुआ था और इस एजेंट ने बातचीत के ज़रिए उसे छुड़ाने में कामयाबी हासिल की थी.
अमरीकी सेना ने कहा है कि उसके सैनिकों ने इटली के इन लोगों पर इसलिए गोलियाँ चलाईं क्योंकि वे रुकने की चेतावनियों की अनदेखी करके आगे बढ़ते रहे.
हालाँकि छुड़ाई जाने वाली पत्रकार गुइलियाना स्गरीना ने इसे ग़लत बताया है और कहा है कि उनकी कार सामान्य रफ़्तार से चल रही थी लेकिन फिर भी उनकी कार पर गोलियाँ की बौछार कर दी गई.
गोलियों ने केलीपरी की जान ले ली और स्गरीना भी इस गोलीबारी में घायल हुई हैं.
स्गरीना ने बताया, "केलीपरी ने मुझे बचाने की कोशिश की लेकिन गोली लगने से वह गिर पड़े और फिर मैंने देखा कि दम तोड़ चुके हैं."
रोम में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि केलीपरी को इटली में एक राष्ट्रीय हीरो की तरह सम्मान दिया जा रहा है और उनके शव को देश के झंडे में लपेटा गया है.
उनका शव शनिवार देर रात इटली पहुँचा और रविवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा. सोमवार को उनके सम्मान में सोमवार को राजकीय शोक आयोजित किया जाएगा.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हालाँकि अमरीका ने इस घटना की जाँच की घोषणा कर दी है लेकिन फिर भी ऐसा काफ़ी संभावना है कि इटली पर इराक़ से अपने सैनिक हटाने के लिए दबाव बढ़ेगा.
इटली के क़रीब तीन हज़ार सैनिक इराक़ में हैं और वहाँ सैनिक भेजे जाने का इटली में काफ़ी विरोध हुआ था.