गुरुवार, 03 मार्च, 2005 को 22:27 GMT तक के समाचार
सऊदी अरब के युवराज अब्दुल्ला ने सीरिया से कहा है कि वह लेबनान से अपनी सेना जल्दी से हटा ले.
युवराज अब्दुल्ला ने कहा कि सेना हटाने से सीरिया के ऊपर बना अंतरराष्ट्रीय दबाव कम होगा और लेबनान समस्या का समाधान हो सकेगा.
सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की सऊदी अरब यात्रा के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं, इसे मध्य पूर्व की राजनीति की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण बयान माना जा रहा है.
1975 में गृह युद्ध छिड़ने के बाद सीरिया की सेना लेबनान में घुसी और तब से वहीं बनी हुई है.
एक सऊदी अधिकारी ने जानकारी दी कि "युवराज अब्दुल्ला ने राष्ट्रपति असद से कहा कि लेबनान से सेना हटाने के एक समय सारिणी की घोषणा करें ताकि अंतरराष्ट्रीय दबाव कम हो और लेबनान की समस्या का हल हो सके."
सऊदी प्रवक्ता ने कहा, "युवराज ने कहा कि अरब सरकारें अंतरराष्ट्रीय विरोध का सामना नहीं कर सकतीं जब तक कि लेबनान से सीरियाई सेनाएँ नहीं हट जातीं."
मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक और सऊदी विदेश मंत्री सऊद अल फ़ैसल ने गुरूवार को हुई एक बैठक में सीरिया-लेबनान मामले पर चर्चा की.
समझौता
1989 में हुए तैफ़ समझौते में यह तय हुआ था कि सीरिया की सेना लेबनान से दो वर्ष के भीतर निकल जाएँगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
लेबनान में प्रधानमंत्री हारिरी की हत्या के बाद से काफ़ी तनाव है और सीरिया के ख़िलाफ़ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और अमरीका ने लगातार सीरिया पर दबाव बनाया हुआ है कि वह लेबनान से बाहर निकले.
बशर अल असद ने अमरीकी टाइम पत्रिका को दिए गए एक इंटरव्यू में पिछले सप्ताह कहा था कि वे लेबनान से कुछ महीनों में सेना हटाने का फैसला कर सकते हैं.
शीतयुद्ध के समय सीरिया के मित्र देश रहे रूस और जर्मनी ने भी उससे कहा कि वह अपनी सेनाएँ लेबनान से हटा ले.