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बुधवार, 02 मार्च, 2005 को 16:47 GMT तक के समाचार

बीबीसी में बदलावों का प्रस्ताव

ब्रिटेन सरकार ने बीबीसी के कामकाज की व्यवस्था में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव के प्रस्ताव रखे हैं.

ब्रिटेन की संस्कृति मंत्री टेसा जॉवेल ने संसद में इन बदलावों की घोषणा की जिसे ग्रीन पेपर का नाम दिया गया है.

इसके तहत बीबीसी में पिछले 78 वर्षों से जारी गवर्नरों के पद को समाप्त कर दिया जाएगा.

सरकार ने गवर्नरों के बोर्ड की जगह पर दो नई इकाइयों, बीबीसी ट्रस्ट और कार्यकारी बोर्ड, के गठन का प्रस्ताव रखा है.

लेकिन बीबीसी के लिए वित्त जुटानेवाली लाइसेंस फ़ी की व्यवस्था को अगले 10 वर्षों तक क़ायम रखा जाएगा.

लेकिन सरकार ने कहा है कि बदलावों को ध्यान में रखते हुए अगले दशक में वित्तीय व्यवस्था की प्रक्रिया की समीक्षा अवश्य की जाएगी.

बदलाव

ग्रीन पेपर में जो बदलाव सुझाए गए हैं उन्हें बीबीसी के अगले चार्टर में शामिल किया जाएगा जिसके बाद वर्ष 2007 से बीबीसी की भूमिका, काम-काज और रूप-रेखा तया होगी.

बीबीसी के भविष्य पर अब अगले वर्ष एक श्वेत पत्र या व्हाइट पेपर जारी किया जाएगा.

बीबीसी के संचालन के लिए पहला शाही चार्टर 1927 में लागू हुआ था और हर 10 वर्ष पर इसका नवीकरण होता है.

वर्तमान चार्टर की अवधि 31 दिसंबर 2006 को समाप्त हो रही है.

घोषणा और प्रतिक्रिया

ब्रितानी संसद के सदन हाउस ऑफ़ कॉमंस में टेसा जॉवेल ने कहा कि गवर्नरों की वर्तमान भूमिका को बनाए नहीं रखा जा सकता था और इसमें स्पष्टता और उत्तरदायित्व का अभाव था.

बीबीसी के रोज़ाना के काम-काज की ज़िम्मेदारी कार्यकारी बोर्ड की होगी जिसके प्रमुख बीबीसी महानिदेशक मार्क थॉम्पसन होंगे.

बीबीसी के चेयरमैन माइकल ग्रेड बीबीसी ट्रस्ट के भी चेयरमैन होंगे.

माइकल ग्रेड ने प्रस्तावों का स्वागत किया मगर इस बात को दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि गवर्नरों को अपनी भूमिका को साबित करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया.

मगर छाया मंत्री जॉन व्हिटिंग्डेल ने कहा कि ग्रीन पेपर में सुझाए गए बदलाव बहुत प्रभावी नहीं हैं.

उन्होंने इन बदलावों को 'मोटे तौर पर दिखावे वाला एक क़दम' बताया.