बुधवार, 16 फ़रवरी, 2005 को 10:40 GMT तक के समाचार
लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी का बुधवार को राजधानी बेरूत में अंतिम संस्कार कर दिया गया जिसके लिए हज़ारों लोग एकत्र हुए हैं.
अंतिम संस्कार के दौरान काफ़ी तनाव रहा.
रफ़ीक हरीरी की गत सोमवार को बेरूत में एक बम विस्फोट में मौत हो गई थी. उनके अलावा कम से कम 14 अन्य लोग भी मारे गए थे.
रफ़ीक हरीरी के जनाज़े लेबनान के झंडे में लपेटा गया था और जिस मस्जिद में उनके जनाज़े की नमाज़ हुई वहाँ हज़ारों लोग जमा हुए.
बहुत से लोग हरीरी के घर के आसपास भी एकत्र हुए थे और वहाँ उन्होंने सीरिया विरोधी नारे लगाए.
लेबनान के विपक्षी दल ने हरीरी की मौत के लिए सीरिया को ज़िम्मेदार ठहराया है लेकिन सीरिया ने इस हमले में कोई हाथ होने से इनकार किया है.
हरीरी के अंतिम संस्कार के अवसर पर जो अंतरराष्ट्रीय नेता जमा हुए हैं उनमें अरब लीग के अध्यक्ष अम्र मूसा और अमरीका के वरिष्ठ दूत विलियम बर्न्स शामिल थे.
फ्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक बाद में लेबनान की यात्रा करेंगे.
अमरीका ने हरीरी की मौत के विरोधस्वरूप सीरिया से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है.
बेरूत में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हरीरी की मौत पर मुसलमान, ईसाई और द्रूज़ सभी शोक में शामिल हुए.