मंगलवार, 08 फ़रवरी, 2005 को 21:32 GMT तक के समाचार
काहिरा में हुए मध्य पूर्व शांति समझौते और संघर्षविराम की घोषणा का जहाँ कई देशों ने स्वागत किया है वहीं फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास और इस्लामिक जेहाद ने अलग रुख़ अपनाया है.
अमरीकी विदेश मंत्री कौंडोलीज़ा राइस ने कहा कि कई सालों के बाद ये इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के सामने शांति कायम करने का सबसे बेहतर मौका है.
संयुक्त राष्ट्र, रूस और ब्रिटेन ने भी इस घोषणा का स्वागत किया है और सतर्कतापूर्ण प्रतिक्रिया में शांति प्रक्रिया के सफल होने की उम्मीद जताई.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा कि मिस्र और जॉर्डन के शांति प्रक्रिया से जुड़ने से शांति कायम करने की संभावनाएँ बढ़ेंगी.
रूसी विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि दोनो पक्ष संघर्षविराम का पालन करेंगे.
उधर हमास और इस्लामिक जेहाद ने कहा कि ये समझौता उन पर बाध्य नहीं है.
हमास के अधिकारियों ने कहा कि कोई भी घोषणा करने से पहले उनसे सलाह की जानी चाहिए थी.
इस संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि ये महमूद अब्बास के प्रशासन और इसराइल के बीच का समझौता है.
इस्लामिक जेहाद के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इस समझौते के बारे में विस्तार से जानना होगा और फिर ही उसके बारे में टिप्पणी करेंगे.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हमास और अन्य चरमपंथी संगठन इस समय एक अनौपचारिक संघर्षविराम का पालन कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि महमूद अब्बास के साथ इस बारे में आगे बातचीत होगी.