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सोमवार, 07 फ़रवरी, 2005 को 17:26 GMT तक के समाचार

मध्य पूर्व में अमरीका का सुरक्षा दूत

अमरीका ने फ़लस्तीनी सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक विशेष सुरक्षा दूत की नियुक्ति की है जिसके साथ ही मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया में प्रगति की उम्मीदें भी बढ़ी हैं.

मध्य पूर्व के दौरे पर गईं अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलिज़ा राइस ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल विलियम वार्ड आने वाले हफ्तों में फ़लस्तीनी इलाक़ों का दौरा करेंगे.

उन्होंने बताया कि जनरल वार्ड को सुरक्षा दूत बनाया गया है और वह द्विपक्षीय सुरक्षा समन्वय को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे.

फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ बातचीत के बाद राइस एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रही थीं.

अब्बास ने मध्य पूर्व में अमरीकी हस्तक्षेप का स्वागत किया और इसराइल से अपील की कि वो भी शांति के लिए प्रयास करें.

उन्होंने उम्मीद जताई कि मंगलवार इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन के साथ उनकी बैठक में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

इसराइल सरकार और फ़लस्तीनी प्रशासन के बीच मिश्र में बैठक हो रही है जो सन् 2000 के बाद दोनों पक्षों के बीच सबसे उच्च स्तरीय बैठक होगी.

समर्थन का आश्वासन

वेस्ट बैंक के रमल्लाह शहर में राइस ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच साझा ज़मीन तैयार करने के लिए अमरीका पूरी तरह सक्रिय रहेगा.

रविवार को राइस ने इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन से मुलाक़ात की थी.

राइस ने घोषणा की कि दोनों नेताओं ने व्हाइट हाउस आने का अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है.

राइस ने फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के साथ अपनी बातचीत के बाद फ़लस्तीन में चार करोड़ डॉलर के पूँजी निवेश का वादा भी किया है.

फ़लस्तीनी नेता के साथ अपनी बातचीत को सकारात्मक बताते हुए अमरीकी विदेश मंत्री ने वादा किया कि ये पूँजी निवेश अगले तीन महीने में किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए अमरीका सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है लेकिन ये भी कहा कि दोनो पक्षों को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी.

उधर फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा कि अमरीका ने ये भी वादा किया है कि वह फ़लस्तीनियों और इसराइलियों के बीच संभावित संघर्षविराम पर नज़र रखने के लिए निरीक्षक भेजेगा.

कोंडोलीज़ा राइस का कहना था कि ऐसे निरीक्षक फ़लस्तीनी सुरक्षा संस्थाओं के सुधार में मदद करेंगे.

लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर ये भी कहा कि महत्वपूर्ण है कि इसराइली और फ़लस्तीनी ख़ुद भी सुरक्षा के मुद्दे पर सहयोग करें.

उनका कहना था कि फ़लस्तीनियों ने एक ऐसे नेता को चुना है जो लोकतांत्रिक सुधार में विश्वास रखता है और इसराइल के साथ बातचीत से किसी सहमति पर पहुँचना चाहता है.

उन्होंने विश्वास दिलाया कि अमरीका साथ-साथ रहने वाले दो राज्यों के मकसद को पूरा करने के लिए जो कुछ भी संभव होगा, करेगा.

कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि फ़लस्तीनियों को अपने सकारात्मक प्रयास जारी रखने चाहिए वहीं उन्होंने कहा कि इसराइल की भी ज़िम्मेदारी बनती है कि वह पूरी तरह से प्रयास करे.