शुक्रवार, 04 फ़रवरी, 2005 को 07:33 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इराक़ में 'खाद्य सामग्री के लिए तेल की बिक्री' के कार्यक्रम के अध्यक्ष बेनन सेवन के ख़िलाफ़ अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
एक स्वतंत्र जाँच में इस कार्यक्रम के प्रबंधन और इसके प्रभारी अधिकारी की तीखी आलोचना की गई है.
ये भी कहा गया है कि बेनन सेवन की अनैतिक गतिविधियों से संयुक्त राष्ट्र की साख़ पर असर पड़ा.
ये जाँच अमरीका के केंद्रीय बैंक के पूर्व चेयरमैन पॉल वोलकर के नेतृत्व में की गई और इसमें कहा गया कि सेवन ने बार-बार इराक़ से तेल की बिक्री का ठेका एक ही कंपनी को दिया.
बेनन सेवन ने भ्रष्टाचार के आरोपों का खंडन किया है.
एक अन्य संयुक्त राष्ट्र अधिकारी जोज़फ़ स्टीफ़ेनाइड्स के ख़िलाफ़ भी अनुशासनिक कार्रवाई की जा रही है.
अब ये जाँच आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, महासचिव कोफ़ी अन्नान और उनके बेटे कोजो के कामकाज पर नज़र डालेगी. कोजो विवादित कंपनी के लिए काम करते थे.
तेल के बदले खाद्य सामग्री के कार्यक्रम के तहत इराक़ पर लगे संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के चलते वह कुछ हद तक तेल बेचकर खाद्य सामग्री ख़रीद सकता था.
यह अंतरिम रिपोर्ट आज संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान को सौंपी गई हालाँकि इसके कुछ बिंदु जाँच टीम के ने वॉल स्ट्रीट जनरल को पहले ही बता दिए थे.
रिपोर्ट
वोलकर ने रिपोर्ट में कहा है कि इराक़ में खाद्य सामग्री के लिए तेल बिक्री कार्यक्रम में पारदर्शिता, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व के संयुक्त राष्ट्र मानदंडों को नहीं अपनाया गया.
वोलकर ने कहा कि बेनन सेवन ने इराक़ी तेल के ख़रीददारों की मदद का रास्ता अपनाकर ख़ुद को 'हित टकराव' की गंभीर स्थिति में खड़ा कर लिया था.
बेनन सेवन ने बार-बार यह कहा है कि उन्होंने कुछ भी ग़लत काम नहीं किया.
इराक़ में 'अनाज के लिए तेल की बिक्री' कार्यक्रम 1996 से 2003 तक चला था और उस समय सद्दाम हुसैन का शासन था.
इस कार्यक्रम के तहत सद्दाम हुसैन सरकार को इस शर्त पर तेल बिक्री की इजाज़त दी गई थी कि उससे मिलने वाली रक़म अनाज, दवाइयाँ और अन्य मानवीय ज़रूरतों की चीज़ों पर ही ख़र्च की जाएगी.
इस कार्यक्रम के बारे में यह आरोप भी लगाए गए थे कि हो सकता है कि सद्दाम हुसैन ने तेल की बिक्री से मिलने वाले धन को अपने हितों के लिए इस्तेमाल किया हो.
इराक़ के तेल बिक्री कार्यक्रम में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद कोफ़ी अन्नान ने पिछले साल अप्रैल में पॉल वोलकर की अध्यक्षता में एक जाँच कमेटी बिठाई थी.