सोमवार, 31 जनवरी, 2005 को 07:02 GMT तक के समाचार
इराक़ में रविवार को हुए चुनाव में जटिल और लंबी मतगणना जारी है और सारे परिणाम आने में क़रीब दो हफ़्ते का वक़्त लग सकता है.
क़रीब ढाई करोड़ की आबादी वाले इराक़ में जिन लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पंजीकरण कराया उनमें से लगभग अस्सी लाख लोगों ने मतदान में भाग लिया.
अंदाज़ा लगाया गया है कि क़रीब साठ प्रतिशत लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया.
लेकिन कुछ सुन्नी बहुल इलाक़ों में, जहाँ अमरीकी सेना के ख़िलाफ़ विद्रोह देखा गया, कई मतदान केंद्रों में लोग नज़र नहीं आए.
अब चुने गए उम्मीदवार नए राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे और वे अंतरिम प्रधानमंत्री और सरकार की नियुक्ति करेंगे.
मतगणना
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के दल के मुखिया ज्याँ पियर किंग्सली ने कहा कि चुनाव मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरे हैं हालाँकि क़ानून और व्यवस्था की स्थिति के कुछ पहलुओं में सुधार की ज़रूरत है.
मतदान के दौरान पर्यवेक्षकों का दल जॉर्डन में मौजूद था.
अमरीका और ब्रिटेन ने इराक़ में हुए चुनाव को पूरी तरह सफल बताया है. इराक़ी निर्वाचन आयोग का दावा है कि उम्मीद से अधिक लोगों ने मतदान किया.
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ी चुनाव को सफल बताया और कहा कि इराक़ी जनता ने 'आतंकवादियों' की मंशा को ख़ारिज कर दिया है.
राष्ट्रपति बुश ने इराक़ी जनता को बधाई दी और उनकी हिम्मत की सराहना की और कहा कि धमकियों के बावजूद लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया.
बुश ने कहा, "आज इराक़ी जनता ने दुनिया से बात की है. दुनिया मध्य पूर्व के केंद्र से आज़ादी की आवाज़ सुन रही है." उन्होंने कहा कि इराक़ी जनता ने लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर कर दी है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि इराक़ी लोगों को अपने भविष्य का नियंत्रण अपने हाथों में लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि इराक़ी चुनाव 'दुनिया भर के आतंकवाद' पर चोट है.
उन्होंने कहा कि हथियार के बल पर सद्दाम हुसैन सत्ता में बने रहे लेकिन अब चुनाव ने आज़ादी की शक्ति को प्रदर्शित कर दिया है.