रविवार, 30 जनवरी, 2005 को 05:22 GMT तक के समाचार
इराक़ के अंतरिम राष्ट्रपति ग़ाज़ी अल यावर ने देश में पिछले पचास सालों में पहली बार हो रहे बहुदलीय चुनावों में वोट डाल दिया है जबकि पश्चिमी बगदाद के एक मतदान केंद्र पर आत्मघाती हमला हुआ है.
बग़दाद के मतदान केंद्र पर हुए आत्मघाती हमले में तीन लोग मारे गए हैं.
बक़ूबा, मूसल और बसरा से भी मतदान केंद्रों पर हमलों के समाचार मिले हैं.
अत्यंत कड़ी सुरक्षा वाले ग्रीन जोन में वोट डालने के बाद यावर ने उम्मीद जताई कि लोग उन्हे देखकर अपना वोट डालने ज़रुर आएंगे.
सौ से भी अधिक राजनीतिक दल और गठबंधन इन चुनावों में अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं. राष्ट्रीय असेंबली की 275 सीटों के लिए मुकाबला हो रहा है जो चुने जाने के बाद संविधान बनाएगी.
मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है लेकिन आशंका है कि कई इराक़ी हिंसा के कारण वोट डालने नहीं आएंगे.
चरमपंथी नेता मुसाब अल ज़रकावी ने पहले ही चेतावनी दी है कि जो कोई भी वोट डालने जाएगा उसकी हत्या कर दी जाएगी.
सुरक्षा स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए रिकार्ड संख्या में अमरीकी और इराक़ी सैनिक लगे हुए है. पूरे देश में शाम से सुबह का कर्फ्यू लगा हुआ है.
वाहनों के आने जाने पर प्रतिबंध है और हवाई अड्डे को दो दिन पहले ही बंद किया जा चुका है.
संवाददाताओं के अनुसार ब़गदाद भुतहा शहर प्रतीत हो रहा है.
इराक़ की अन्य देशों से लगी सीमाएं भी बंद कर दी गई हैं.
शिया और कुर्द भारी संख्या में वोट डालने पहुँच रहे हैं लेकिन मूसल, तिकरित समारा और फ़लूजा जैसे शहरों में मतदान केंद्रों पर कम ही लोग दिख रहे हैं.
ये सुन्नी बहुल शहर हैं जहाँ बहुत कम मतदान केंद्र खुले हैं और वहाँ भी सन्नाटा छाया हुआ है.
बसरा में मौज़ूद बीबीसी संवाददाता बेन ब्राउन का कहना है कि यहां मतदान केंद्र के बाहर लंबी लाइन लगी हुई है.
यहाँ वोट डालने वाले सबसे पहले व्यक्ति ने कहा कि उसे ऐसा लगा कि वो अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण काम कर रहा है.
देश भर में सुरक्षा का आलम यह है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे बंद हैं. छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं.
इराक़ में ये चुनाव हो रहे हैं राष्ट्रीय असेंबली की 275 सीटों के लिए. जिसमें से 111 सीटें कुर्द क्षेत्र के लिए हैं और 18 प्रांतीय परिषदों की.
अबी तक नौ गठबंधनों की सूची के अलावा 110 दल मैदान में है और उम्मीदवारों की संख्या है 7663.