शुक्रवार, 28 जनवरी, 2005 को 23:43 GMT तक के समाचार
इराक़ में रविवार के चुनाव से पहले चरमपंथियों ने अमरीकी बलों, मतदान केंद्रों और इराक़ी सुरक्षा बलों पर हमले किए हैं.
शुक्रवार को अलग-अलग हमलों में पाँच अमरीकी सैनिक मारे गए. बग़दाद और रमादी में हमलों में 10 इराक़ियों की भी मौत हो गई.
बग़दाद में अमरीकी सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, हालाँकि ये अभी स्पष्ट नहीं है कि क्या इसे चरमपंथियों ने निशाना बनाया.
सुरक्षा बलों ने अधिकांश शहरों में कर्फ़्यू की मियाद बढ़ा दी है.
शनिवार से सीमाओं पर आवाजाही रोकी जा रही है. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी बंद कर दिया गया है.
अधिकारियों ने देश के भीतर विभिन्न प्रांतों के बीच आवागमन पर भी रोक लगा दी है.
बग़दाद से बीबीसी संवाददाता पॉल वुड के अनुसार चुनाव से पहले हिंसा में बहुत तेज़ी आई है. और डर के मारे अधिकतर उम्मीदवार अपना नाम सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं.
विदेशों में मतदान
इस बीच विदेश में बसे इराक़ी मतदाताओं ने आम चुनाव में भाग लेते हुए शुक्रवार को वोट डालने का काम शुरू कर दिया.
14 देशों के 36 शहरों में मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं जिनमें ब्रिटेन, अमरीका, जॉर्डन जैसे देश भी शामिल हैं.
अम्मान में मौजूद बीबीसी संवाददाता जॉन लाइन का कहना है कि जॉर्डन में सिर्फ़ बीस हज़ार इराक़ियों ने मतदान के लिए पंजीकरण कराया था लेकिन जो लोग मतदान के लिए आए उनमें भारी उत्साह देखा गया.
जिन लोगों ने मतदान किया, उनमें कुछ सुरक्षा चिंता भी देखी गई. कुछ का कहना था कि मतदान की स्याही से उनकी शिनाख़्त आसानी से हो सकती है.
दुनिया भर में ढाई लाख से ज़्यादा इराक़ी मतदाताओं ने मतदान के लिए पंजीकरण कराया है.