बुधवार, 26 जनवरी, 2005 को 04:37 GMT तक के समाचार
ब्रितानी राहत संस्था ऑक्सफ़ैम के अनुसार हिंद महासागर में उठी सूनामी लहरों से हुई तबाही के बाद संयुक्त राष्ट्र ने जितनी धनराशि के लिए अनुरोध किया था उससे केवल आधी ही उपलब्ध हो पाई है.
सूनामी से हुई तबाही के एक महीने का बाद जारी की गई अपनी रिपोर्ट में ऑक्सफ़ैम ने कहा है कि राहत की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ाने की सख़्त ज़रूरत है.
उधर रेडक्रॉस ने कहा है कि उसने सूनामी पीड़ितों के लिए पर्याप्त धनराशि जुटा ली है और वह अपनी अपील बंद कर रही है.
रेडक्रॉस की 70 से ज़्यादा शाखाएँ दुनिया भर में इस अभियान में जुटी हुई हैं. संभावना है कि रेडक्रॉस बुधवार को घोषणा करेगी कि कितनी घनराशि एकत्र की गई है.
इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या 280000 तक पहुँच गई है.
ऑक्सफ़ैम का कहना है कि दुनिया भर की सरकारो से लगभग आधे अरब की धनराशि उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया गया था ताकि प्रभावित क्षेत्रों में छह महीने तक खाद्य सामग्री, रहने की जगह और चिकित्सा के लिए ज़रूरी दवाएँ आदि दी जा सकें.
इसके अलावा चार अरब डॉलर दाता देशों ने दीर्घकालीन पुनर्निर्माण के लिए देने का वादा किया था.
ऑक्सफ़ैम की रिपोर्ट में कहा गया है कि हो सकता है कि ये दोनो आँकड़े पूरे हो जाएँ लेकिन पिछले अनुभव के आधार ऐसा होने पर शक है.
ऑक्सफ़ैम ने प्रभावित क्षेत्र में काम कर रही कुछ राहत संस्थाओं के अनुभव की कमी के कारण उनकी भी आलोचना की है.
उसके अनुसार श्रीलंका में जिस तरह से घर खड़े किए गए हैं उससे साफ़-सफ़ाई की समस्या खड़ी हो सकती है.
ऑक्सफ़ैम का कहना है कि दक्षिण भारत में राहत संस्थाओं के आपस में तालमेल बिठाकर काम करने में समस्या पैदा हो रही है.
कई देशों में बुधवार को इस त्रासदी के एक महीने पूरे होने पर मृतकों को याद किया जाएगा.