http://www.bbcchindi.com

रविवार, 23 जनवरी, 2005 को 05:28 GMT तक के समाचार

विक्टर युशचेन्को यूक्रेन के राष्ट्रपति बने

यूक्रेन में महीनों तक चले चुनावी विवाद के बाद विजयी रहने वाले विक्टर युशचेन्को ने आज़ादी के बाद देश के तीसरे राष्ट्रपति के रुप में शपथ ले ली है.

युशचेन्को ने रविवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली जिसके लिए राजधानी कीइव में हज़ारों लोग जमा हुए.

इस मौक़े पर हज़ारों लोगों के अलावा अनेक विदेशी मेहमान भी मौजूद थे जिनमें आठ राष्ट्राध्यक्ष और अमरीका के निवर्तमान विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल भी थे.

युशचेन्को ने देश की एकता क़ायम रखने की शपथ ली. ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति पद के चुनाव में यूक्रेन में काफ़ी उथल-पुथल रही है.

शपथ लेते वक़्त उन्होंने कहा है कि वे भ्रष्टाचार को दूर करना चाहते हैं, अर्थव्यवस्था में सुधार करना चाहते हैं और यूक्रेन को यूरोपीय संस्थानों के करीब ले जाना चाहते हैं.

विक्टर युशचेन्को शपथ ग्रहण करने के बाद स्वतंत्रता चौक गए जहाँ नवंबर में चुनावों पर विवाद उठने के बाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए गए थे.

इस चौक पर हज़ारों समर्थकों ने युशचेन्को का ज़ोरदार स्वागत किया.

संघ की तरफ़

समर्थकों को संबोधित करते हुए युशचेन्को ने कहा कि उनका मक़सद यूक्रेन को यूरोपीय संघ में शामिल कराना होगा.

उन्होंने कहा कि यूरोप की तरफ़ बढ़ने वाले हर क़दम का मतलब होगा -ज़्यादा यूक्रेनवासियों के लिए ज़्यादा अवसर.

शपथ ग्रहण समारोह के लिए राजधानी कीइव को दुल्हन की तरह सजाया गया है और देश की क्रांति के प्रतीक झंडे हर जगह नज़र आ रहे हैं.

स्वतंत्रता चौक के आसपास की इमारतों को झंडों से सजाया गया है.

वे सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से मिलेंगे और फिर यूरोपीय संसद जाएँगे.

अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल कीव में हैं और इस समारोह में भाग लेंगे. उन्होंने कहा है कि अमरीका यूक्रेन की कई तरह से मदद कर सकता है.

युशचेन्को ने कहा है कि वह भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ना चाहते हैं, अर्थव्यवस्था को सुधारना चाहते हैं और यूक्रेन को पश्चिमी यूरोपीय संस्थानों के निकट ले जाना चाहते हैं.

यूक्रेन के सुप्रीम कोर्ट ने पहले हुए राष्ट्रपति चुनाव को अवैध और धाँधली भरा ठहराया था जिसके तहत युशचेन्को को पराजित घोषित किया गया था.

इसके बाद दोबारा हुए चुनाव में युशचेन्को की जीत हुई थी.