गुरुवार, 06 जनवरी, 2005 को 02:50 GMT तक के समाचार
ख़ुद के ओसामा बिन लादेन का निजी सुरक्षा गार्ड बताने वाले जॉर्डन मूल के संदिग्ध चरमपंथी शादी अब्दुल्लाह का नाम संयुक्त राष्ट्र की अल क़ायदा संदिग्ध चरमपंथियों की सूची से हटा दिया गया है.
अब्दुल्लाह पर जर्मनी में मुक़दमा चल रहा था और बताया गया है कि उन्होंने अधिकारियों के साथ सहयोग किया जिसके बाद उनका नाम अल क़ायदा के संदिग्ध चरमपंथियों की संयुक्त राष्ट्र सूची से हटा दिया गया.
अब्दुल्लाह ख़ुद को ओसामा बिन लादेन का निजी सुरक्षा गार्ड बताते हैं और उन पर जर्मनी में 2003 में कुछ यहूदी ठिकानों को निशाना बनाने के आरोप में चार साल की जेल की सज़ा हुई थी.
लेकिन उन्हें पिछले साल नवंबर में रिहा कर दिया गया था और अधिकारियों ने कहा था कि अब्दुल्लाह ने अल क़ायदा के बारे में बहुत महत्वपूर्ण जानकारी मुहैया कराई है.
अब संयुक्त राष्ट्र की एक वेबसाइट का कहना है कि अब्दुल्लाह का नाम सूची से पिछले साल 23 दिसंबर को हटा दिया गया.
अपनी रिहाई के बाद से ही अब्दुल्लाह जर्मनी के गवाह कार्यक्रम का एक हिस्सा बन चुके हैं.
संयुक्त राष्ट्र की 1267 समिति ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि अब्दुल्लाह पिछले क़रीब दो साल में पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिनका नाम सूची से हटाया गया है.
यह समिति उन व्यक्तियों पर लगे प्रतिबंधों की निगरानी करती है जिनका संबंध अल क़ायदा, तालेबान वग़ैरा से रहा है.
अब्दुल्लाह के वकील का कहना है कि सूची से नाम हटने का मतलब है कि उनका मुवक्किल अब जर्मनी के अधिकारियों से वित्तीय सहायता हासिल कर सकता है और बैंक खाता खोल सकता है.
अगर 28 वर्षीय अब्दुल्लाह का नाम इस सूची से नहीं हटाया जाता तो उन्हें यह सुविधा हासिल नहीं होती.
शुरू में अमरीका अब्दुल्लाह के नाम को हटाने के मामले में कुछ शंकित था जब जर्मनी ने पिछले साल ऐसे व्यक्तियों के संभावित पुनर्वास का मामला उठाया था जो सरकारी गवाह बन गए हैं.
लेकिन अमरीका ने बाद में इस मामले को हरी झंडी दिखा दी, जब जर्मनी सरकार ने अब्दुल्लाह से उच्च अल क़ायदा संदिग्धों के बारे में पूछताछ करने की अमरीकी अधिकारियों को इजाज़त दे दी थी.
अब संभावना है कि अब्दुल्लाह की गवाही ज़कारिया मुसावी के ख़िलाफ़ अमरीका में चल रहे मुक़दमे में होगी.
ग़ौरतलब है कि 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों के मामले में सिर्फ़ अकेले संदिग्ध चरमपंथी ज़कारियास मुसावी पर ही मुक़दमा चल रहा है.