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गुरुवार, 06 जनवरी, 2005 को 01:57 GMT तक के समाचार

ग्वांतनामो के बंदियों की प्रताड़ना की जाँच

अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ग्वांतनामो बे शिविर में बंदियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों के मामले में औपचारिक जाँच की घोषणा की है.

ग़ौरतलब है कि पिछले महीने कुछ ऐसे दस्तावेज़ जारी हुए थे जिनसे पता चलता है कि ग्वांतनामो बे शिविर में बंदियों के साथ पूछताछ के लिए जो तरीक़े अपनाए गए थे उनके बारे में अमरीकी जाँच एजेंसी एफ़बीआई के एजेंटों ने चिंता व्यक्त की थी.

अमरीकी सरकार के ख़िलाफ़ एक मुक़दमे में संघीय जाँच एजेंसी एफ़बीआई के अधिकारियों के बीच हुए ई-मेल आदान-प्रदान के पत्र पिछले महीने जारी किए गए थे जिनसे पता चलता है कि इराक़ी क़ैदियों और ग्वांतनामो बे शिविर में रखे गए बंदियों के साथ गंभीर दुर्व्यवहार किया गया.

इनमें से कुछ पत्र अबू ग़रेब कांड से बाद के हैं.

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के आधिकारिक प्रवक्ता मैक्कलेलन ने कहा था, "राष्ट्रपति की अपेक्षा है कि अगर दुर्व्यवहार के आरोप हैं तो उन आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए."

"उनकी पूरी तरह से जाँच हो, दोषियों की पहचान की जाए और अगर कोई इस तरह के ग़लत काम में शामिल रहा है तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई हो. ऐसा फिर नहीं हो, इसके लिए ठोस क़दम भी उठाए जाएँ."

अमेरिकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन ने यह साफ़ करने के लिए मुक़दमा दायर किया है कि अमरीका के हाथों क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ या नहीं.

पूछताछ की ये तकनीक 2002 से ही अपनाई जा रही थीं.

एक एजेंट ने बंदियों की हालत देखकर गंभीर चिंता ज़ाहिर की थी. एक बंदी को तो पूरे 24 घंटे तक उकड़ू बिठाए रखा था और उन्हें वहीं पर शौच करने के लिए भी छोड़ दिया गया था.

बीबीसी के पेंटागन संवाददाता का कहना है कि ग्वांतनामो बे शिविर में बंदियों के साथ दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के बहुत से आरोप लगते रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि क्यूबा के ग्वांतनामो बे में स्थित अमरीकी नौसैनिक अड्डे पर क़रीब चालीस देशों के पाँच सौ से ज़्यादा बंदी रखे हुए हैं.