http://www.bbcchindi.com

मंगलवार, 04 जनवरी, 2005 को 07:10 GMT तक के समाचार

बंद हवाई अड्डा खुला, राहत कार्य शुरू

इंडोनेशिया में सूमात्रा द्वीप के एकमात्र हवाई अड्डे को फिर से खोल दिया गया है. हवाई पट्टी पर दुर्घटना के कारण इसे बंद कर दिया गया था.

26 दिसंबर को आए भूकंप और उसके बाद सूनामी लहरों के कारण सबसे ज़्यादा प्रभावित इंडोनेशिया का यही इलाक़ा रहा है.

बांदा आचे स्थित इस हवाई अड्डे को मंगलवार की सुबह उस समय बंद करना पड़ा था जब राहत सामग्री लेकर आया एक विमान हवाई पट्टी पर एक गाय से टकरा गया.

इस हवाई अड्डे के बंद होने से राहत कार्यों पर ज़रूर असर पड़ा लेकिन ज़ोर-शोर से हुए काम के बाद इसे दोबारा खोल दिया गया.

दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र ने आशंका व्यक्त की है कि नुक़सान का पूरी तरह आकलन होने के बाद मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है.

प्रभावित इलाक़ों के दौरे पर गए अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा है कि अमरीका राहत कार्य में अपनी ओर से पूरी मदद देगा.

दुर्घटना

बांगा आचे से बीबीसी संवाददाता क्रिस्टियन फ़्रेज़र का कहना है कि जैसे ही एक मालवाहक विमान हवाई अड्डे पर उतरा, एक गाय से टकरा गया.

सेना का कहना है कि विमान का इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. इस कारण हवाई अड्डे को बंद करना पड़ा.

संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही हवाई अड्डे की सीमित क्षमता पर सवाल उठाए थे.

इस हादसे से पहले इंडोनेशिया, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया के सैनिक विमान कई दिनों की रुकावट के बाद आख़िरकार अपना काम शुरू कर पाए थे.

दरअसल भारी बारिश के साथ-साथ सड़कों को हुए नुक़सान के कारण राहत सामग्री उन इलाक़ों तक नहीं पहुँच पा रही थी जहाँ सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है.

संयुक्त राष्ट्र के राहत समन्वयक जैन एगलैंड ने बताया कि पहले ये सोचा जा रहा था कि बांदा आचे सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है लेकिन अब ये जानकारी मिल रही है कि मेवलाबोह शहर में उससे भी ज़्यादा नुक़सान हुआ है.

रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट की एक टीम का कहना है कि यहाँ की 80 प्रतिशत आबादी यानी 40 हज़ार लोग मारे गए हैं.

भूकंप और उसके बाद सूनामी लहरों के तांडव में सबसे ज़्यादा 94,000 लोग इंडोनेशिया में मारे गए हैं.