शुक्रवार, 24 दिसंबर, 2004 को 21:56 GMT तक के समाचार
यूक्रेन में फिर से हो रहे राष्ट्रपति चुनावों से ठीक पहले दोनों प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों ने मतदाताओं से समर्थन की अपील की.
शुक्रवार को चुनाव प्रचार का आख़िरी दिन रहा और रविवार को मतदान होगा. प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच ने अपने समर्थकों से कहा है कि देश का भविष्य दाँव पर है.
जबकि उनके विरोधी विक्टर युशचेन्को ने कहा है कि देश की एकता उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है.
इन चुनावों पर नज़र रखने के लिए बारह हज़ार अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक यूक्रेन पहुँचे हुए हैं.
यानूकोविच को एक बार राष्ट्रपति चुनावों में विजयी घोषित कर दिया गया था, लेकिन फिर विपक्ष की ओर से आंदोलन की लहर चल पड़ी.
अंत में सरकार को दोबारा चुनाव करवाने की माँग माननी पड़ी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उस चुनाव के नतीजों को ख़ारिज कर दिया था.
बढ़त
चुनाव से पहले हुए जनमत सर्वेक्षण में विपक्षी उम्मीदवार युशचेन्को को क़रीब 14 अंकों की बढ़त मिली हुई है.
उन्हें अमरीका और पश्चिमी देशों का समर्थक माना जाता है जबकि यानूकोविच को रूस के क़रीब.
राष्ट्रपति चुनावों में जब यानूकोविच को विजयी घोषित किया गया तभी से राजधानी के एक चौराहे पर युशचेन्को के समर्थक एक टेंट लगाकर रह रहे हैं.
युशचेन्को ने शुक्रवार को एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि अगर वो विजयी हुए तो समाज को फिर से एकजुट करने की कोशिश करेंगे और आपसी मतभेद दूर करेंगे.
यानूकोविच ने देश के पश्चिमी हिस्से में एक आम सभा की. इसे इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि परंपरागत तौर पर पश्चिमी हिस्से में विपक्ष की पकड़ मज़बूत है जबकि पूर्वी हिस्से में रूस समर्थकों का बहुत प्रभाव है.
यानूकोविच ने चेतावनी दी है कि अगर उनके प्रतिद्वंद्वी जीते तो देश टुकड़े टुकड़े हो सकता है. अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि उनकी मौजूदगी से ये चुनाव निष्पक्ष होगा.
इसके बावजूद हिंसा की आशंका बनी हुई है और राजधानी कीइव में भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई है.