शुक्रवार, 24 दिसंबर, 2004 को 04:15 GMT तक के समाचार
अमरीकी रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने इराक़ के मूसल शहर में उस सैनिक अड्डे का दौरा किया है, जहाँ तीन दिन पहले संदिग्ध आत्मघाती हमले में 14 अमरीकी सैनिकों समेत 22 लोग मारे गए थे.
रम्सफ़ेल्ड घायल अमरीकी सैनिकों को भी देखने गए.
अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा, "इस दौरे का उद्देश्य सैनिकों का आभार व्यक्त करना और उन्हें क्रिसमस की शुभकामनाएँ देना है."
रम्सफ़ेल्ड ने यह तो स्वीकार किया कि सैनिकों के लिए मुश्किलें दरपेश आ रही हैं लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि जीत उनकी ही होगी.
अमरीकी सेना का मानना है कि इराक़ी सैनिक की पोशाक पहने एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट कराया था.
रम्सफ़ेल्ड स्थानीय समयानुसार शुक्रवार सुबह साढ़े पाँच बजे मूसल के सैनिक अड्डे पर पहुँचे. वह हमले की जगह से दो किलोमीटर दूर उस अस्पताल में भी गए जहाँ घायल सैनिकों का इलाज चल रहा है.
रम्सफ़ेल्ड के पहले तीन पड़ाव मूसल, तिकरित और फ़लूजा थे जो किसी ज़माने में सद्दाम हुसैन का मज़बूत गढ़ हुआ करते थे.
फ़लूजा में हाल के दिनों में हुई लड़ाई बहुत ख़ूनी साबित हुई है.
इराक़ में अमरीकियों के ख़िलाफ़ सबसे बड़े हमले में 13 अमरीकी सैनिक, पाँच अमरीकी असैनिक ठेकेदार और चार इराक़ी मारे गए थे.
मंगलवार को हुए हमले में 70 अमरीकी घायल भी हुए थे जिनमें से अधिकतर को जर्मनी स्थिति अमरीकी सैनिक अड्डे पर इलाज के लिए ले जाया गया है.
आलोचना
इससे पहले अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन ने इस बात की आशंका जताई कि मूसल में हुआ हमला शायद एक आत्मघाती हमला था.
यदि ऐसा होता है तो इराक़ में किसी अमरीकी सैनिक अड्डे पर आत्मघाती हमले की यह पहली घटना होगी.
बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार रम्सफ़ेल्ड के नेतृत्व को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं.
बुधवार को वाशिंग्टन में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्हें तीखे सवालों का सामना करना पड़ा.
इराक़ पर हमले को लेकर रक्षा मंत्री ने जिस तरह का रवैया अपनाया है उसके कारण उनकी आलोचना बढ़ी है.
हाल ही में इराक़ में मारे गए अमरीकी सैनिकों के परिवारों ने ग़ुस्सा जताया जब उन्हें ये मालूम हुआ कि रक्षा मंत्री की ओर से भेजे गए शोक संदेशों पर उन्होंने ख़ुद हस्ताक्षर नहीं किए थे और सिर्फ़ मशीन से उनके दस्तख़त किए जा रहे थे.