बुधवार, 22 दिसंबर, 2004 को 11:13 GMT तक के समाचार
दुनिया की सबसे नन्ही मुन्नी जीवित बची बच्ची को अमरीका के एक अस्पताल में पहली बार लोगों के सामने लाया गया.
उसके साथ उसकी जुड़वाँ बहन हीबा भी थी जो क़द और वज़न में उससे ज़रा ही बड़ी है.
रुमैसा रहमान का जन्म के समय वज़न केवल 244 ग्राम था. शिकागो के एक अस्पताल में जब 19 सितंबर को उसका समय से पहले ही जन्म हुआ तो उसकी लंबाई कोकाकोला के कैन से भी कम थी.
रुमैसा और हीबा के भारतीय मूल के माता-पिता उन्हें अगले महीने घर ले जाना चाहते हैं.
लड़कियों की माँ का कहना था,"यह ख़ुदा की नेमत है. एक बहुत बड़ी नेमत".
डॉक्टरों ने इन बच्चियों के बारे में जानकारी देने के लिए तब तक इंतज़ार किया जब तक उन्हें यह यक़ीन नहीं हो गया कि वे अब स्वस्थ हैं और कुछ समय बाद घर जा सकती हैं.
लोयोला अस्पताल के डॉक्टर विलियम मैकमिलन का कहना है, "इनके शरीर का तापमान सही है और उन्हें मशीनों की ज़रूरत नहीं है. वे बिलकुल सामान्य बच्चियाँ हैं".
रुमैसा जब पैदा हुई तो उसकी लंबाई एक मोबाइल फ़ोन के बराबर थी. अब भी उसका वज़न सिर्फ़ एक किलो 18 ग्राम है.
हीबा जन्म के समय 562 ग्राम की थी और अब दो किलों 25 ग्राम की है. वह शायद इस महीने के आख़ीर तर घर चली जाए लेकिन रुमैसा को जनवरी के शुरू तक अस्पताल में रहना होगा.
बच्चियों की 23 वर्षीया माँ महजबीन शेख़ को गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप की शिकायत हो गई थी.
महजबीन और उनके 32 साल के पति मोहम्मद अब्दुल रहमान मूल रूप से हैदराबाद के हैं.
जुड़वाँ बच्चियाँ सीज़ेरियन ऑपरेशन से पैदा हुईं और उन्हें कुछ कमियाँ दूर करने के लिए लेज़र सर्जरी का सहारा लेना पड़ा.