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शुक्रवार, 17 दिसंबर, 2004 को 16:08 GMT तक के समाचार

तुर्की-यूरोपीय संघ वार्ता में 'सहमति'

ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ की बैठक में तुर्की को लेकर चल रहा मतभेद ख़त्म होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं.

साइप्रस को लेकर यूरोपीय संघ की मांग के कारण तुर्की को यूरोपीय संघ में शामिल करने पर चल रही बातचीत खटाई में पड़ती दिख रही थी.

अब ख़बर है कि यूरोपीय संघ और तुर्की के बीच इस मुद्दे पर हुए सहमति हुई है. जिसके अनुसार तुर्की ने वादा किया है कि वह अगले साल अक्तूबर तक साइप्रस को मान्यता दे देगा.

इस सहमति के बाद तुर्की उस समझौते पर हस्ताक्षर करने से बच जाएगा जिसमें साइप्रस को सीधे तौर पर मान्यता देने की बात कही गई थी.

यूरोपीय संघ और तुर्की ने अभी इस समझौते की पुष्टि नहीं की है.

यूरोपीय संघ के एक राजनयिक ने अपना नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि नए समझौते के अनुसार तुर्की से एक लिखित बयान जारी करने को कहा गया है.

जिसमें तुर्की उस समझौते पर दस्तख़त करने का वादा करेगा जिसमें साइप्रस सहित यूरोपीय संघ के सभी 10 नए सदस्यों के साथ सहयोग करने की बात कही गई है.

इसका मतलब ग्रीक साइप्रस को प्रभावी रूप से मान्यता देना. लेकिन इसके लिए तुर्की को समय दिया गया है ताकि वह अपनी जनता को इसके बारे में समझा सके.

मतभेद

साइप्रस के दक्षिणी हिस्से को अंतरराष्ट्रीय तौर पर एक अलग राष्ट्र के रूप में मान्यता मिली हुई है और वो यूरोपीय संघ का एक सदस्य है.

लेकिन उत्तरी साइप्रस पर नियंत्रण रखने वाले तुर्की ने पहले इस बात पर ज़ोर दिया था कि वह साइप्रस का मान्यता देने की मांग के आगे नहीं झुकेगा.

यूरोपीय संघ के राजनयिकों का कहना है कि तुर्की को इस समझौते पर दस्तख़त तीन अक्तूबर से पहले करना होगा. तीन अक्तूबर से तुर्की और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्ताविक बातचीत शुरू होनी है.

पहले ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा था कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि तुर्की उन शर्तों को मानेगा या नहीं. उन्होंने माना कि समस्या दोनों देशों यानी तुर्की और साइप्रस के साथ है.

यूरोपीय संघ का कहना है कि तुर्की को संघ में शामिल करने में 15 साल भी लग सकते हैं और उसे शामिल किए जाने की कोई गारंटी भी नहीं है.

यूरोपीय संघ के नेताओं ने सम्मेलन शुरू होने के पहले कहा था कि उसे साइप्रस को मान्यता देने के लिए क़दम उठाने होंगे.

लेकिन शुक्रवार की सुबह एक तुर्की राजनयिक ने पत्रकारों को बताया कि उनके ख़ेमे में यूरोपीय संघ की शर्तों को लेकर निराशा का माहौल है.