शनिवार, 20 नवंबर, 2004 को 05:30 GMT तक के समाचार
अमरीकी सेना का कहना है कि इराक़ में जनवरी में होने वाले चुनाव से पहले वहाँ सैनिकों की संख्या बढ़ाई जा सकती है लेकिन यह फ़लूजा में चल रही सैनिक कार्रवाई के नतीजे पर निर्भर करता है.
पेंटागन में एक संवाददाता सम्मेलन में लेफ़्टिनेंट जनरल लाँस स्मिथ ने बताया कि इराक़ स्थित अमरीकी सैन्य कमांडर सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं.
इराक़ स्थित अमरीकी केंद्रीय कमान के उप प्रमुख जनरल स्मिथ ने फ़लूजा में सैनिक कार्रवाई को सफल बताया.
हालाँकि उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि यह कहना थोड़ी जल्दबाज़ी होगी कि सैनिक कार्रवाई से विद्रोहियों का प्रतिरोध ख़त्म हो गया है.
उनका ये बयान इराक़ स्थित अमरीकी मरीन कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल जॉन सैटलर से अलग है जिन्होंने कहा था कि सैनिक कार्रवाई से विद्रोहियों की कमर टूट गई है.
अमरीकी अधिकारियों का कहना है अगले कुछ दिनों में फ़लूजा शहर को विद्रोहियों के क़ब्ज़े से पूरी तरह मुक्त करा लिया जाएगा ताकि वहाँ पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो सके.
चुनाव
अमरीकी जनरल स्मिथ ने कहा कि इराक़ में चुनाव 27 जनवरी को होने वाले हैं और संकेत यही है कि हिंसा के बावजूद इराक़ी लोग मतदान करने को उत्सुक हैं.
लेकिन उन्होंने माना कि विद्रोही आम लोगों को मतदान से दूर रखने के लिए उन्हें धमकाएँगे. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पर काबू पाना मुश्किल होगा.
जनरल स्मिथ ने कहा कि अमरीकी कमांडर इराक़ में चुनाव से पहले सैनिकों की संख्या में तीन से पाँच हज़ार की बढ़ोत्तरी कर सकते हैं.
इस समय इराक़ में क़रीब 1,38,000 सैनिक हैं. शुरुआत में योजना यही है कि इस समय इराक़ में मौजूद सैनिकों को वहाँ निर्धारित समय से ज़्यादा तक रुकने के लिए कहा जाएगा.
पेंटागन ने पहले ही इराक़ में क़रीब तीन हज़ार और सैनिकों को अस्थायी रूप में तैनात करने की घोषणा कर दी थी.
जनरल स्मिथ ने इस बारे में कोई समयसीमा नहीं बताई कि कब तक फ़लूजा के नागरिकों के वहाँ लौट पाएँगे. उन्होंने कहा कि शहर के कुछ हिस्सों में अभी भी भारी लड़ाई चल रही है.
उन्होंने कहा कि फ़लूजा से फ़रार चरमपंथी अबू मुसाब ज़रक़ावी अल क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था.