गुरुवार, 04 नवंबर, 2004 को 18:33 GMT तक के समाचार
दूसरी बार अमरीका का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद जॉर्ज बुश ने कहा है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखना अमरीका का कर्तव्य है.
पिछले तीन महीने में पहली बार कैबिनेट की बैठक के बाद राष्ट्रपति बुश ने पत्रकारों को संबोधित किया. अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि बुश अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकते हैं.
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अमरीका के मतदाताओं ने अगले चार सालों के लिए दिशा तय कर दी है.
आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष के बारे में बुश ने कहा कि वे अपने सहयोगी देशों से साथ मिलकर काम करेंगे.
उन्होंने कहा, " हम आतंकवाद के ख़िलाफ़ ऐसी लड़ाई लड़ रहे हैं जो जारी है. इस युद्ध के नतीजे पर अमरीका के सभी नागरिकों का दाँव लगा है. रिपब्लिकन, डेमोक्रेट या स्वतंत्र उम्मीदवार- सभी अपने देश को प्यार करते हैं. हम सभी मिलकर अमरीकी लोगों की रक्षा करेंगे. जब तक दुश्मन को हरा नहीं दिया जाता हम इस संघर्ष में डटे रहेंगे."
इराक़ के बारे में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वहाँ जनवरी में चुनाव होंगे.
उन्होंने कहा कि वे इराक़ी प्रधानमंत्री ईयाद अलावी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि समय पर चुनाव कराए जा सके.
प्राथमिकताएँ
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता के लिए मध्य पूर्व में शांति की आवश्यकता है.
बुश ने कहा, "मैं ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से इस बात पर सहमत हूँ कि दुनिया में शांति-व्यवस्था के लिए मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया महत्वपूर्ण है. मैं जब से राष्ट्रपति बना हूँ. मैं इस पर काम भी कर रहा हूँ. मैंने जून 2002 में एक रणनीति बनाई थी और मुझे उम्मीद है कि इसमें अच्छी प्रगति होगी."
राष्ट्रपति बुश ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर भी अपनी प्राथमिकताएँ गिनाईं.
अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में बुश ने कहा, "मंत्रिमंडल में कुछ बदलाव तो होंगे लेकिन मैं नहीं जानता कि वे क्या होंगे."
वॉशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब का कहना है कि जिन्हें हटाए जाने की बात हो रही हैं उनमें रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड भी हो सकते हैं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ नीति को जारी रखने के कारण हो सकता है कि 72 वर्षीय रम्सफ़ेल्ड को कुछ और समय दे दिया जाए.
विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल का भविष्य भी स्पष्ट नहीं है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोलिज़ा राइस ने भी पहले कहा था कि वे अपने विश्वविद्यालय करियर में जाना चाहतीं हैं लेकिन उन्हें राष्ट्रपति का क़रीबी भी माना जाता है.
कुछ और लोगों के बारे में अटकलें चल रहीं हैं. उनमें अटॉर्नी जनरल जॉन एशक्रॉफ़्ट और आंतरिक सुरक्षा मंत्री टॉम रिज भी शामिल हैं.