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मंगलवार, 02 नवंबर, 2004 को 20:40 GMT तक के समाचार

बोस्टन से अपूर्व कृष्ण
बीबीसी हिंदी संवाददाता

बहुत बेसब्र हो रहा है बोस्टन

बोस्टन शहर में ऐसा लग रहा है जैसे केरी 44वें राष्ट्रपति बनने से कुछ ही पल दूर हैं.

शहर के मध्य कॉपनी स्क्वायर में केरी-एडवर्ड चुनाव अभियान की ओर से एक विशाल रंगारंग समारोह की तैयारी की गई है जिसमें केरी और एडवर्ड्स दोनों मौजूद रहेंगे.

बोस्टन पब्लिक लाइब्रेरी के बाहर कॉपनी स्क्वायर नाम के छोटे से लॉन में विशाल मंच बनाया गया है जिसके पीछे अमरीका का विशाल राष्ट्रध्वज लगा है.

अनगिनत टेलीविज़न कैमरों के साथ दुनिया भर से आए पत्रकार यहाँ इस प्रतीक्षा में जुटे हुए हैं कि अमरीकी जनता केरी के नेतृत्व को मंज़ूरी देती है कि नहीं.

मज़ाक

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में जॉर्ज बुश की सत्ता को चुनौती देने वाले मैसाचुसेट्स राज्य से सेनेटर जॉन केरी ने अपना वोट देने के बाद एक छात्र से कहा कि उन्होंने जॉर्ज बुश को वोट दिया.

केरी मतदान वाले दिन दोपहर बोस्टन पहुँचे और वहाँ की असेंबली स्टेट हाउस में वोट देने पहुँचे, बाहर उनके समर्थकों के साथ आम वोटरों की भी भीड़ लगी थी.

मीडिया के ज़बरदस्त ताम-झाम के बीच केरी जब अपना वोट देने पहुँचे तो वहाँ कई मतदाता पहले से खड़े थे जिनसे उन्होंने यूँ ही बातचीत शुरू कर दी.

पहली बार वोट देनेवाले सफ़क विश्वविद्यालय के एक छात्र स्टीव मार ने अचानक केरी से पूछ डाला, "सेनेटर केरी आपने किसको वोट दिया." केरी ने छूटते ही कहा, "जॉर्ज बुश को".

मगर ख़ुद केरी को वोट देने वाले इस छात्र ने बताया, "मुझे पता है वे मज़ाक कर रहे थे. वे भला क्यों एक वोट बर्बाद करेंगे."

सभा

कॉपनी स्क्वायर में डेमोक्रेट पार्टी के कार्यक्रम के आयोजक उम्मीद कर रहे हैं कि लगभग 10 हज़ार लोग जुटेंगे मगर ये भी माना जा रहा है कि ऐसे और हज़ारों लोग यहाँ आ सकते हैं जिनको औपचारिक तौर पर तो निमंत्रण नहीं मिला है लेकिन वे केरी के समर्थक हैं.

वैसे तो पूरे अमरीका के केरी समर्थक उनकी जीत की आस लगाए हैं मगर बोस्टनवासियों के लिए ये दिन कुछ और ही महत्वपूर्ण है.

एक मतदान केंद्र के बाहर खड़ी बर्कले विश्वविद्याल की छात्रा ऐशली ने कहा, "बोस्टन की सोच एक ख़ासियत लिए हुए है और केरी में वो दिखती है. तो मेरे लिए ये एक फ़ख़्र की बात होगी अगर एक बोस्टनमैन राष्ट्रपति बनता है."

ऐशली जैसे बोस्टनवासियों का सपना हक़ीक़त की शक्ल लेता है कि नहीं ये तय होने की घड़ी धीरे-धीरे निकट आती जा रही है.