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पेरिस में यासिर अराफ़ात का इलाज शुरू

फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात का फ़्रांस की राजधानी पेरिस में इलाज शुरू हो गया है लेकिन उनकी बीमारी के बारे में ब भी कोई खुल कर कुछ नहीं बोल रहा है.

75 वर्षीय अराफ़ात को शुक्रवार को पेरिस ले जाया गया जहाँ उन्हें एक सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया.

उनकी ग़ैर मौजूदगी में फ़लस्तीनी प्रशासन, प्रधानमंत्री और विधायी परिषद को कामकाज की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

अराफ़ात पिछले दो सप्ताह से पेट दर्द से परेशान हैं. बुधवार की रात उनकी हालत और ख़राब हो गई जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें इलाज के लिए विदेश भेजने की सलाह दी थी.

अराफ़ात का जिस अस्पताल में इलाज चल रहा है, उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

यह पिछले तीन साल के दौरान पहला मौक़ा है जब यासिर अराफ़ात पश्चिमी तट के रामल्ला शहर से बाहर निकले हैं.

भावुक रवानगी

रमल्ला स्थित मुख्यालय से अराफ़ात को शुक्रवार की सुबह जॉर्डन के एक हेलिकॉप्टर से राजधानी अम्मान ले जाया गया और वहाँ से उन्हें फ्रांस के एक विमान में पेरिस ले जाया गया.

रमल्ला छोड़ते समय अराफ़ात ने सैनिक ओवरकोट पहन रखा था. उन्होंने अधिकारियों और अपने निजी सुरक्षा गार्ड के जवानों को हाथ हिलाकर विदाई दी.

उस समय वहाँ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और अराफ़ात के समर्थन में नारे लगा रहे थे. कई लोगों को रोते-बिलखते देखा गया जिनमें उनके कई सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे.

अराफ़ात के साथ उनकी पत्नी सुहा भी मौजूद थीं जो एक दिन पहले ही पेरिस से रमल्ला पहुँचीं थीं.

फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक के क़रीबी सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि शिराक ने अराफ़ात का इलाज फ़्रांस में कराने को व्यक्तिगत मंज़ूरी दी.

राष्ट्रपति शिराक ने रोम में कहा कि 'शरणार्थियों की धरती' के रूप में फ़्रांस के लिए यह स्वभाविक ही था कि वह इलाज के लिए अराफात को वहाँ लाने को मंज़ूरी दें.

फ़लस्तीनी विदेश मंत्री नाबिल अराफ़ात के साथ अम्मान तक गॉए. उन्होंने बताया कि उनके नेता काफ़ी कमज़ोर हो गए हैं और उनका वज़न भी कम हो गया है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि अराफ़ात की अनुपस्थिति अस्थायी है.