शनिवार, 23 अक्तूबर, 2004 को 15:19 GMT तक के समाचार
जापान के उत्तरी इलाक़े में भूकंप के तीव्र झटके महसूस किए गए हैं जिनमें कम से कम 15 लोगों के मारे जाने और 1000 से ज़्यादा के घायल होने की ख़बरें हैं.
क़रीब 12 घंटे तक लगातार महसूस किए गए इन झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.8 मापी गई है.
इस भूकंप से एक दिन पहले ही जापान में भयंकर तूफ़ान आया था जिसमें 75 लोग मारे गए थे. यह तूफ़ान पिछले क़रीब एक दशक में सबसे भयंकर था.
पहले भूकंप का केंद्र नीगाता राज्य में था जो राजधानी टोकियो से क़रीब 160 किलोमीटर दूर है.
भूकंप से कई जगह ज़मीन धँस गई है और बिजली की लाइनें टूट जाने से अंधेरा छा गया है.
अनेक स्थानों पर पानी की आपूर्ति बंद हो गई है और टेलीफ़ोन लाइनें भी ख़राब हो गई हैं.
चालीस हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है और तीन लाख से ज़्यादा घरों में बिजली नहीं है.
भूकंप में बहुत से घर ज़मीन में धँस गए हैं और एक स्थान पर तो तीव्र गति से चलने एक रेलगाड़ी भी पटरी से उतर गई. हालाँकि उसमें कोई नुक़सान नहीं हुआ.
भूकंप के झटके राजधानी टोकियो में भी महसूस किए गए लेकिन वहाँ से किसी नुक़सान की ख़बर नहीं है.
मौतें
नीगाता राज्य में ओजिया शहर में एक पक्के मकान के मलबे में दबने से एक 55 वर्षीय व्यक्ति मौत हो गई.
ओजियो के निकट ही तोकामाची में एक रेस्तराँ की इमारत गिरने से एक 30 वर्षीय व्यक्ति मारा गया.
भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक़ शाम क़रीब छह बजे यानी ग्रीनिच मानक समय के अनुसार सुबह क़रीब नौ बजे आया.
पहले भूकंप झटके के दौरान तीव्र गति से चलने वाली एक रेलगाड़ी पटरी से उतर गई और वह भूकंप के केंद्र के नज़दीक ही चल रही थी.
रेलगाड़ी चलाने वाली कंपनी जेआर जापान ने बताया कि रेलगाड़ी कुछ डाँवाडोल तो हुई लेकिन पलटी नहीं इसलिए इसमें कोई घायल नहीं हुआ है.
जापानी टेलीविज़न ने बताया है कि भूकंप के दौरान बहुत सी चीज़ें गिरने से कुछ लोग घायल हुए हैं. घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है.
कुछ स्थानों पर सड़कों में दरारें पड़ गई हैं और टोकियो और नीगाता राष्ट्रीय राजमार्ग के पास की दो सुरंगं भी धँस गई हैं.
प्रधानमंत्री जूनीशीरो कोईज़ूमी ने अपने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावितों को राहत पहुँचाने के लिए हर संभव उपाय करें.
रक्षा विभाग ने एक आपात दफ़्तर स्थापित किया है और प्रभावित इलाक़ों में आसमान से नज़र रखने के लिए 11 सैन्य विमान तैनात किए गए हैं.
जापान को भूकंपों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है. इस साल वहाँ अभी तक कम से कम दस भयंकर तूफ़ान आ चुके हैं.