सोमवार, 18 अक्तूबर, 2004 को 06:51 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जेफ़ हून इराक़ में मौजूद ब्रितानी सैनिकों में से कुछ को अमरीकी नियंत्रण में लाने के प्रस्ताव पर आज संसद में बयान देंगे. उम्मीद है कि रक्षा मंत्री इस बारे में अमरीका के अनुरोध के बारे में औपचारिक रूप से बयान देंगे.
लेकिन वे इस बात पर ज़ोर दे सकते हैं कि इस बारे में कोई भी फ़ैसला इराक़ में अभियान को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा न कि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की सहायता के लिए.
विपक्षी सांसदों ने इस बारे में रक्षा मंत्री को चेतावनी दी है. रविवार को लंदन में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन भी हुआ जिसमें इराक़ से ब्रितानी सैनिकों को वापस बुलाने की माँग की गई.
कहा जा रहा है कि अमरीका ने 650 ब्रितानी सैनिकों को इसकंदरिया में तैनात करने का प्रस्ताव रखा है क्योंकि वहाँ से अमरीका की एक सैनिक टुकड़ी को फ़लूजा में विद्रोहियों से निपटने से लिए भेजा गया है.
माना जा रहा है कि अगर ऐसा हुआ तो स्कॉटलैंड की ब्लैक वॉच यूनिट को वहाँ भेजा जा सकता है क्योंकि इराक़ के दक्षिणी हिस्से का नियंत्रण कर रहे ब्रितानी सैनिकों में यही रिजर्व बटालियन है.
उम्मीद है कि रक्षा मंत्री जेफ़ हून ये कह सकते हैं कि अमरीका के अनुरोध पर कोई भी फ़ैसला ब्रितानी सैनिक कमांडरों की सिफ़ारिश पर ही किया जाएगा.
लेकिन उम्मीद है कि वे ब्रितानी सैनिकों को बग़दाद या फ़लूजा भेजने से इनकार कर सकते हैं जहाँ अमरीकी लड़ाकू विमानों ने रविवार को भी बमबारी जारी रखी.
चेतावनी
विपक्षी सांसद निकोलस सोम्स ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं दिखना चाहिए कि सरकार अमरीका के हर माँग के आगे झुक रही है और वहाँ अगले महीने राष्ट्रपति चुनाव भी होने जा रहे हैं.
बीबीसी रेडियो फ़ोर के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "हमें इस सब मामलों में समय पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए. हमें इस बारे में सावधान रहना चाहिए कि यह अमरीकी जनता को भरोसा देने के एक राजनीतिक हथकंडे के रूप में न इस्तेमाल हो कि प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर अमरीका की हर कोशिशों में उनका समर्थन करते हैं."
हालाँकि प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया है कि इस मामले में कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए और ब्रितानी सैनिकों की तैनाती का अमरीका के राष्ट्रपति चुनावों से कोई मतलब नहीं.
इसी तरह का बयान दिया स्वास्थ्य मंत्री जॉन रीड ने भी. उन्होंने बीबीसी को बताया कि ऐसे आरोपों से इराक़ में काम कर रहे ब्रितानी सैनिकों के मनोबल पर असर पड़ेगा.
लेकिन पूर्व विदेश मंत्री रॉबिन कुक ने कहा है कि अगर ब्रितानी सैनिकों को इधर-उधर तैनात किया गया तो अमरीकी कार्रवाई के लिए उन्हें ही दोषी ठहराया जाएगा.
इराक़ पर हमला करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सरकार से त्यागपत्र देने वाले कुक ने कहा कि ब्रितानी बटालियन को अमरीकी सेक्टर में भेजने से इराक़ी लोगों के मन में यह भावना पैदा होगी कि ब्रितानी सैनिक भी अमरीकी सैनिकों की तरह काम कर रहे हैं.