गुरुवार, 14 अक्तूबर, 2004 को 02:12 GMT तक के समाचार
अमरीका में राष्ट्रपति पद के दोनों प्रमुख उम्मीदवारों जॉर्ज बुश और जॉन केरी के बीच तीसरी और अंतिम बहस में आर्थिक मुद्दे छाए रहे.
बहस के संचालक ने दोनों उम्मीदवारों से सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गार जैसे सार्वजनिक महत्व के विषयों के अलावा व्यक्तिगत आस्था से जुड़े सवाल भी पूछे.
चुनाव से 20 दिन पहले बुधवार रात हुई बहस की शुरूआत में दोनों उम्मीदवारों ने अमरीका की सुरक्षा के लिए अपनी-अपनी योजनाओं की चर्चा की.
दोनों ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ कड़े रूख़ की बात की.
घरेलू मुद्दे पर केंद्रित इस बहस में भी कई बार इराक़ का विषय सामने आया. केरी ने अपना आरोप एक बार फिर दोहराया कि राष्ट्रपति बुश ने बिना पूरी तैयारी के इराक़ पर हमला किया और अनेक पुराने मित्र देशों को अलग-थलग किया.
आरोप-प्रत्यारोप
एरिज़ोना स्टेट यूनीवर्सिटी में आयोजित इस बहस में मौजूदा राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने बार-बार अपने चुनावी प्रतिद्वंद्वी जॉन केरी के सीनेट के रिकॉर्ड को उछाला, कि कितनी बार उन्होंने कर बढ़ाने संबंधी प्रस्तावों का समर्थन और करों में कटौती संबंधी प्रस्तावों का विरोध किया.
बुश ने केरी पर मुख्यधारा की राजनीति से कटे होने का आरोप लगाते हुए कहा, "अमरीकी राजनीति की एक मुख्य धारा है, और आप बिल्कुल बायें किनारे पर बैठते हैं."
दूसरी ओर जॉन केरी ने मध्यम वर्ग के अमरीकियों के हित में अपनी योजनाओं का खुलासा किया.
उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि बुश प्रशासन ने अमीरों और बड़ी कंपनियों का ही ध्यान रखा और आम अमरीकियों की अनदेखी की. उन्होंने बढ़ते बजट घाटे का भी ज़िक्र किया.
बुश की आर्थिक योजनाओं को आड़े हाथों लेते हुए केरी ने कहा, "यह पिछले 72 वर्षों में पहले राष्ट्रपति हैं जिनके शासनकाल में अमरीका में रोज़गार के अवसर घटे हैं."
स्वास्थ्य और शिक्षा
दोनों उम्मीदवारों ने शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी अपनी योजनाओं की भी चर्चा की.
बुश ने आरोप लगाया कि केरी मतदाताओं से खोखले वादे कर रहे हैं. जवाब में केरी ने कहा कि उनकी सारी योजनाओं ठोस हैं जिनके लिए आर्थिक उपायों की भी व्यवस्था है.
बहस के संचालक ने बुश और केरी से गर्भपात और समलैंगिकों के अधिकार जैसे विवादास्पद विषयों पर भी सवाल पूछे.
बुश ने जहाँ गर्भपात पर नियंत्रण का पक्ष लिया, वहीं केरी ने विकल्पों की बात करते हुए कहा कि इस मसले को औरत, डॉक्टर और उपरवाले के बीच का मामला माना जाना चाहिए.
हर सवाल के जवाब के लिए उम्मीदवारों को निश्चित समय दिए गए. उनसे बारी-बारी से सवाल पूछे गए.