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शनिवार, 09 अक्तूबर, 2004 को 02:45 GMT तक के समाचार

बुश और केरी के बीच दूसरी ज़ोरदार बहस

अमरीका में दो नवंबर को होनेवाले राष्ट्रपति चुनाव के दो प्रमुख उम्मीदवारों के बीच दूसरी बार हुई बहस में विदेश नीति और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे छाए रहे.

मिज़ौरी राज्य के सेंट लुईस शहर में इस बहस में आम लोगों ने रिपब्लिकन उम्मीदवार और राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यु बुश और डेमोक्रेट उम्मीदवार जॉन केरी से सवाल पूछे और इसका टेलीविज़न पर सीधा प्रसारण हुआ.

बहस की शुरूआत इराक़ मुद्दे से हुई और राष्ट्रपति बुश ने इराक़ पर हमले के फ़ैसले का बचाव किया जबकि जॉन केरी ने इस मामले में उनकी नीति को ग़लत ठहराया.

बुश ने इराक़ पर हमले को सही बताते हुए उन्होंने कहा कि सद्दाम हुसैन से एक 'अलग तरह का ख़तरा' था और सद्दाम हुसैन के बिना दुनिया अधिक सुरक्षित है.

वहीं जॉन केरी ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति के निर्णय के कारण इराक़ में अव्यवस्था फैल गई है और दुनिया और अधिक ख़तरनाक बन गई है.

दोनों उम्मीदवारों के बीच घरेलू आर्थिक मुद्दों, स्वास्थ्य, गर्भपात और पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर भी बहस हुई.

जॉर्ज बुश और जॉन केरी के बीच तीसरी बहस अगले सप्ताह बुधवार को एरिज़ोना राज्य में होगी.

इराक़

दोनों उम्मीदवारों के बीच बहस की शुरूआत ही इराक़ के मुद्दे से हुई और बुश अपने फ़ैसले को सही और केरी उसे ग़लत ठहराते रहे.

बुश ने कहा,"मैंने सद्दाम हुसैन में एक अलग तरह का ख़तरा देखा और मेरे विपक्षी ने भी ऐसा ही पाया. क्योंकि हमें लगा कि उसके पास भारी तबाही वाले हथियार हैं. और वह अलग ख़तरा ये था कि सद्दाम ये हथियार अल क़ायदा या ऐसे किसी संगठन को दे देते".

बुश ने कहा कि ये फ़ैसला अब इतिहास करेगा कि उन्होंने इराक़ पर हमले का निर्णय लेकर सही किया या ग़लत, मगर उन्हें विश्वास है कि ये फ़ैसला सही था.

उधर जॉन केरी ने लगातार ये कहा कि राष्ट्रपति बुश ने इराक़ पर हमला कर एक भयानक भूल की.

केरी ने कहा,"मैं हमेशा ये मानता था कि सद्दाम हुसैन एक ख़तरा हैं. मैं 1998 में राष्ट्रपति क्लिंटन के वक़्त ये चाहता था कि उन्हें ज़रूरत पड़ने पर हमला करने का अधिकार दिया जाए. मगर मैं इस अधिकार का इस्तेमाल सोच-समझकर करता ना कि जल्दीबाज़ी में बिना किसी योजना के युद्ध का फ़ैसला कर लेता".

केरी ने कहा कि उनके पास इराक़ के लिए एक योजना है जिसमें स्थानीय सुरक्षाकर्मियों को और तेज़ी से प्रशिक्षण देने और अपने सहयोगियों को दोबारा साथ लाने जैसे उपाय शामिल हैं.

अर्थव्यवस्था

अर्थव्यवस्था पर बहस में चर्चा के दौरान बुश ने कहा कि उनके पास ऐसी योजना है जिससे बजट घाटे को अगले पाँच साल में आधा किया जा सकता है.

उन्होंने कहा,"आपकी तरह मैं भी घाटे को लेकर चिंतित हूँ मगर मैं हमारी सेना के लिए ऐसी कटौती नहीं करना चाहता जिससे उनको नुक़सान पहुँचे और ना ही मैं टैक्स बढ़ाने जा रहा हूँ जिससे नौकरियों पर ख़तरा पैदा हो जाए".

उधर जॉन केरी ने कहा कि बुश जब सत्ता में आए थे तो उस वक़्त सरकार के पास अधिक पैसा था मगर आज वह घाटे में है.

केरी ने कहा,"इतना बड़ा उलटफेर पहले नहीं हुआ. 72 सालों में वह पहले राष्ट्रपति हैं जिनके कार्यकाल में लोगों की नौकरियाँ गई हैं".

जॉन केरी ने वादा किया कि वे टैक्स नहीं बढ़ाएँगे और 2,00,000 डॉलर सालाना से अधिक कमाई वालों के लिए टैक्स की दर उसी स्तर पर ले आएँगे जो कि पिछले डेमोक्रेट राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के समय था.

मगर राष्ट्रपति बुश ने कहा कि केरी ने जिस तरह के ख़र्चों के वादे किए हैं उनसे ये लगता है कि या तो वे ये वादे पूरे नहीं करेंगे या फिर टैक्स बढ़ाएँगे.