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मंगलवार, 05 अक्तूबर, 2004 को 23:08 GMT तक के समाचार

इसराइल के ख़िलाफ़ प्रस्ताव गिरा

अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ग़ज़ा में इसराइली सैनिक कार्रवाई के ख़िलाफ़ प्रस्ताव को वीटो कर दिया है.

सुरक्षा परिषद में अरब देशों द्वारा पेश इस प्रस्ताव में ग़ज़ा में चल रही इसराइली सैनिक कार्रवाई को तुरंत बंद करने की माँग की गई थी.

अमरीका के वीटो के बीच ग़ज़ा पट्टी से ख़बर ये है कि इसराइली के ताज़ा मिसाइल हमले में पाँच फ़लस्तीनियों की मौत हो गई है.

कहा जा रहा है कि मारे गए पाँच लोगों में फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन इस्लामिक जेहाद के शीर्ष कमांडर बशीर अल दबाश भी शामिल हैं.

छह दिन पहले शुरू हुई इसराइल की इस व्यापक सैनिक कार्रवाई में अभी तक 70 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं. पाँच इसराइली भी कार्रवाई के दौरान मारे गए.

वीटो

सुरक्षा परिषद में अरब देशों ने प्रस्ताव में माँग की थी कि इसराइल ग़ज़ा पट्टी में अपनी सैनिक कार्रवाई तुरंत रोक दे.

लेकिन प्रस्ताव को अमरीका ने वीटो कर दिया. प्रस्ताव के पक्ष में 11 सदस्यों ने मत दिए. जबकि रोमानिया, ब्रिटेन और जर्मनी ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत जॉन डैनफ़ोर्थ ने कहा कि प्रस्ताव एकतरफ़ा और असंतुलित था.

डैनफ़ोर्थ ने कहा कि प्रस्ताव में उन रॉकेट हमलों का ज़िक्र नहीं था जो इसराइली ठिकानों पर किए गए.

छह दिन पहले इसराइल ने दक्षिण इसराइल में रॉकेट हमले में दो बच्चों की मौत के बाद ही सैनिक कार्रवाई शुरू की थी. इसराइल का कहना है कि रॉकेट हमला ग़ज़ा से किया गया.

अमरीका का ये भी कहना है कि प्रस्ताव में फ़लस्तीनी चरमपंथियों की भी आलोचना होनी चाहिए.

सुरक्षा परिषद में अल्जीरिया के राजदूत अबदल्ला बाली ने कहा कि इससे यही संकेत मिलता है कि सुरक्षा परिषद उसी समय प्रभावी होता है जब मामला अरब देशों का होता है.

संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी प्रतिनिधि नसीर अल किदवा ने सुरक्षा परिषद पर आरोप लगाया कि संगठन अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में असफल रहा है.

लेकिन इसराइली राजदूत डैन गिलेरमैन ने कहा कि उनकी सरकार को मिसाइलों से अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है.

इन सबके बावजूद दोनों पक्ष इस बात से ज़रूर सहमत थे कि शांति प्रक्रिया फिर से शुरू होनी चाहिए.