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गुरुवार, 30 सितंबर, 2004 को 06:13 GMT तक के समाचार

'बिगली की रिहाई की हरसंभव कोशिश'

ब्रिटेन की सरकार का कहना है कि वह अपने नागरिक केनेथ बिगली को इराक़ी चरमपंथियों के क़ब्ज़े से छुड़ाने की हरसंभव कोशिश कर रही है.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि चरमपंथियों ने अगर उनकी सरकार से संपर्क किया तो सरकार तुरंत उसका जवाब देगी.

हालाँकि प्रधानमंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि जवाब देने और सौदेबाज़ी करने में अंतर है और सरकार अपहर्ताओं के साथ कोई समझौता नहीं करेगी.

इससे पहले बिगली को बंधक बनाए इराक़ी चरमपंथियों ने एक और वीडियो जारी किया. अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा पर दिखाए गए इस वीडियो में बिगली को एक पिंजरे में बंद दिखाया गया है.

वीडियो में बिगली ने प्रधानमंत्री ब्लेयर से सहायता की अपील करते हुए कहा, "टोनी ब्लेयर झूठ बोल रहे हैं. उन्हें मेरी चिंता नहीं है."

बिगली को इस वीडियो में नारंगी रंग का कपड़ा पहने दिखाया गया है. वीडियो में उनकी हालत काफ़ी ख़राब दिख रही थी.

संपर्क

इस बीच प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि सरकार का इराक़ी चरमपंथी गुट से कोई संपर्क नहीं हो पाया है.

उन्होंने कहा, "हम उनसे संपर्क नहीं कर सकते और उन्होंने हमसे संपर्क करने की कोई कोशिश नहीं की है."

ब्लेयर ने कहा कि अगर वे सरकार से संपर्क करते हैं तो सरकार तुरंत उनका जवाब देगी.

हालाँकि इसके तुरंत बाद ब्लेयर के कार्यालय ने उनके बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सरकार चरमपंथियों से कोई समझौता नहीं करेगी और न ही इस बारे में उनसे कोई बातचीत ही होगी.

अपील

ताज़ा वीडियो में बिगली ने प्रधानमंत्री ब्लेयर से अपील की कि वे चरमपंथी गुटों की माँग स्वीकार कर लें. इस चरमपंथी गुट की माँग है कि इराक़ की जेलों में बंद महिला क़ैदियों को तुरंत रिहा किया जाए.

वीडियो जारी होने के बाद बिगली के परिजनों ने भी उनकी रिहाई की अपनी अपील दोहराई.

बिगली के भाई फ़िलीप ने कहा, "हम अपने परिवार की ओर से उन लोगों अपील करना चाहते हैं जिन्होंने हमारे भाई को बंधक बना रखा है."

फ़िलीप ने अपहर्ताओं को धन्यवाद भी दिया और कहा कि परिवार इससे ख़ुश हैं कि बिगली अभी ज़िंदा हैं.

बिगली के साथ बंधक बनाए गए दो अमरीकी नागरिकों की हत्या की जा चुकी है. उनकी रिहाई के लिए भी महिला क़ैदियों को छोड़ने की माँग रखी गई थी.

बिगली का ताज़ा वीडियो कब का है इसकी जाँच हो रही है. ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने अभी इस पर कुछ नहीं कहा है.