http://www.bbcchindi.com

सोमवार, 27 सितंबर, 2004 को 01:18 GMT तक के समाचार

विद्रोह बढ़ा लेकिन चुनाव जनवरी में: पॉवेल

अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा है कि इराक़ में विद्रोह के कारण स्थिति और ख़राब हुई है लेकिन अमरीकी और इराक़ी सरकारें जनवरी में देश में चुनाव करवाने के फ़ैसले पर कायम हैं.

उनका कहना था कि विद्रोही मतदान केंद्रों पर गोलीबारी कर सकते हैं और आम लोगों को मतदान में भाग लेने से रोका जा सकता है लेकिन अमरीका विद्रोहियों को हराने के अपनी कोशिशें और तेज़ करेगा.

उधर विद्रोहियों के नियंत्रण वाले फ़लूजा शहर से ख़बर मिली है कि दो कार बम धमाकों में कई अमरीकी और इराक़ सैनिक मारे गए हैं.

ये धमाके फ़लूजा शहर के बाहरी इलाक़े में हुए.

दूसरी ओर बग़दाद में मिस्र और ब्रिटेन के दो प्रतिनिधिमंडलों ने इराक़ में बंधक बनाए गए ब्रिटेन के नागरिक की रिहाई की कोशिशें शुरु कर दी हैं.

वॉशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल का बयान हाल में आए अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड के बयान से काफ़ी अलग है.

रम्सफ़ेल्ड ने पिछले हफ़्ते कहा था कि विद्रोह के चलते इराक़ में आंशिक चुनाव कराए जा सकते हैं, लेकिन पावेल ने ज़ोर देकर कहा है पूरे इराक़ में चुनाव करवाना अमरीका का उद्देश्य है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बुश प्रशासन में इराक़ में चुनाव के मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं.

अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल का कहना है, "हमें अगले कुछ महीनों में पूरे देश पर नियंत्रण कायम करना चाहिए ताकि पूरा देश ये कह सके कि वह उसके नेता कौन होंगे और देश को कैसे आगे ले जाएँगे."

उनका कहना था कि लेकिन इस समय उद्देश्य पूरे देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाना है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस बहस का संबंध इराक़ की स्थिति से कम और अमरीका की राजनीति से ज़्यादा है .

उनका कहना है कि अमरीकी प्रशासन इराक़ के बारे में जो तस्वीर खींचना चाहता है वह इराक़ी अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी वाली है जिसमें उन्होंने कहा था कि वहाँ हालात सुधर रहे हैं.

वे कहते हैं कि अमरीका में राष्ट्रपति पद के चुनावों से कुछ ही हफ़्ते पहले बुश प्रशासन की इच्छा है कि इराक़ में हालात बेहतर होने की तस्वीर पेश की जाए और बुश प्रशासन में इस विषय पर मतभेदों को छिपाया जा सके.