रविवार, 26 सितंबर, 2004 को 16:55 GMT तक के समाचार
अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने माना है कि इराक़ में जारी अस्थिरता के चलते वहाँ पहले तय कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराना आसान नहीं होगा.
कॉलिन पॉवेल ने ये भी माना कि इराक़ में विद्रोह ज़ोर पकड़ता जा रहा है और उसे क़ाबू में करने के लिए और क़दम उठाने की ज़रूरत है.
अमरीकी विदेश मंत्री कोलिन पॉवेल ने इराक़ में जनवरी में होनेवाले चुनावों के संदर्भ में ये बातें कहीं हैं.
पॉवेल का कहना है कि इराक़ के कुछ इलाक़ों में चुनाव कराना बेहद मुश्किल होगा क्योंकि विद्रोही मतदान केंद्रों पर गोलीबारी कर सकते हैं और वो आम लोगों को भी वोट देने से रोकेंगे.
सुन्नी इलाक़ों में मुश्किलें
पॉवेल ने कहा कि ख़ास मुश्किल सुन्नी बहुल इलाक़े में भी होगी जो बग़दाद के आसपास से लेकर फ़लूजा, रमादी और तिकरीत तक फैला है.
उन्होंने कहा, "हमें कोशिश ये करनी है कि हम सुन्नी बहुल इलाक़े को नियंत्रण में कर सकें ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव पूरे इराक़ में कराए जा सकें."
वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल का ये बयान अमरीकी रक्षा मंत्री के बयान से काफ़ी अलग है.
रम्सफ़ेल्ड ने पिछले हफ़्ते कहा था कि विद्रोह के चलते इराक़ में आंशिक चुनाव कराए जा सकते हैं, लेकिन पावेल ने अब कहा है कि पूरे इराक़ में चुनाव करवाना अमरीका का उद्देश्य है.
जानकारों का कहना है कि अब देखना है कि इराक़ में चुनाव की तारीख़ आगे बढ़ाई जाती है, या उसी समय पर आंशिक चुनाव कराए जाते हैं.