शुक्रवार, 17 सितंबर, 2004 को 01:48 GMT तक के समाचार
अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने बीती रात इराक़ के दो शहर फ़लूजा और रमादी में हमला करके 60 विद्रोहियों को मार डाला है.
सैनिक अधिकारियों के बयान में कहा गया है कि फ़लूजा और इसके निकट एक शहर में हमला चरमपंथी अबू मुसाब ज़रक़ावी समर्थकों के ठिकाने पर ही किए गए.
बयान में कहा गया है कि फ़लूजा के साथ-साथ रमादी में अमरीकी सैनिकों ने ज़रक़ावी समर्थकों के अड्डे को निशाना बनाया.
फ़लूजा के मुख्य अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि वे 14 घायलों का इलाज कर रहे हैं. जिनमें ज़्यादातर बच्चे और महिलाएँ हैं.
उधर देश के पश्चिमी अंबर प्रांत में हुई अलग-अलग घटनाओं में उसके तीन सैनिक मारे गए हैं.
पिछले साल मार्च से इराक़ में अभी तक एक हज़ार से ज़्यादा अमरीकी सैनिक मारे गए हैं.
दूसरी ओर राजधानी बग़दाद के पास से मिले एक शव के बारे में ऑस्ट्रेलिया अधिकारी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.
इस व्यक्ति का शव दज़ला नदी से निकाला गया. ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं यह व्यक्ति ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा गार्ड तो नहीं था जिसे चमपंथियों ने बंधक बनाने का दावा किया था.
सैनिक कार्रवाई
फ़लूजा और रमादी में अपनी कार्रवाई के बारे में अमरीकी अधिकारियों ने कहा कि सेना ने उन इमारतों को निशाना बनाया जहाँ भारी मात्रा में हथियार रखे गए थे.
बयान में कहा गया है कि मिसाइल के हमले में फ़लूजा के पास स्थित क़रयात शहर में तीन इमारतें नष्ट हो गईं.
अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि यहाँ ज़रक़ावी समर्थक बैठकें करते थे.
उधर अमरीकी और ब्रितानी दूतावास के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी है कि बग़दाद में तीन कर्मचारियों का अपहरण कर लिया गया है.
अमरीकी दूतावास ने दो अमरीकी व्यक्तियों के नाम जैक हेन्सले और ईयूजिन ऑर्मस्ट्राँग बताए हैं.
लेकिन अभी ब्रितानी दूतावास ने अपने नागरिक के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.
इराक़ में विद्रोहियों ने अभी तक 100 से ज़्यादा विदेशी नागरिकों को बंधक बनाया. इनमें से कई मार दिए गए.