शनिवार, 04 सितंबर, 2004 को 04:21 GMT तक के समाचार
रूस के बेसलान शहर के बंधक कांड में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है. अब तक स्कूल से 320 से ज़्यादा शव निकाले जा चुके हैं.
इनमें अधिकांश बच्चों के शव हैं.
बेसलान के स्कूल में तीन दिन तक चले बंधक कांड में इससे पहले ढाई सौ लोगों की मौत का अनुमान लगाया गया था.
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने बेसलान के उस स्कूल का दौरा किया है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार रूसी क़ानून विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी सर्गेई फ़्रिडिंस्की ने कहा है स्कूल से 322 लाशें निकाली गई हैं जिनमें 155 बच्चे हैं.
बेसलान में स्कूल का दौरा करने के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने स्थानीय कर्मचारियों से कहा,"पूरा रूस आपके साथ शोक मना रहा है".
पुतिन ने शहर के मुख्य अस्पताल का भी दौरा किया जहाँ लगभग 700 लोगों का इलाज चल रहा है.
राष्ट्रपति ने कहा कि बंधक बनाने वालों के साथ हमले में रूसी विशेष सेना को भी भारी नुक़सान उठाना पड़ा.
उन्होंने उत्तर ओसेतिया क्षेत्र की सीमा सील करने का आदेश दिया है.
यहाँ अभी भी कुछ बंधक बनाने वालों की खोज की जा रही है.
बताया जा रहा है कि तीन बंधक बनाने वाले भाग गए हैं.
वैसे रूसी अधिकारी कह रहे हैं कि 27 बंधक बनाने वाले सैनिक कार्रवाई में मारे गए और तीन को पकड़ लिया गया.
अधिकारियों का कहना है कि नौ बंधक बनाने वाले अरब के देशों से आए भाड़े के हमलावर थे.
भरोसा
राष्ट्रपति पुतिन ने बंधक संकट से प्रभावित हुए लोगों की मदद करने का भरोसा दिलाया है.
आपातकालीन कर्मचारियों और उपकरणों के साथ मास्को से दो विमान बेसलान पहुँच गए हैं.
इन विमानों में आपातकालीन चिकित्सा का प्रबंध है और समझा जाता है कि गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को विमान से मास्को ले जाया जाएगा.
इसके पहले रूस की संघीय जाँच सेवा के क्षेत्रीय प्रमुख ने कहा कि कमांडो दस्ते को बंधक समस्या में दखल मजबूर होकर देना पड़ा.
उन्होंने कहा कि जब बंधक बनाने वालों ने भागते हुए बंधकों पर गोलियाँ चलानी शुरू की तो कमांडो दस्ते को सामने आना पड़ा.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
रूस के बंधक कांड पर दुनिया भर से प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं.
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा,"इस घटना में हुई मौतें एक बार फिर ये याद दिलाती हैं कि आतंकवादी सभ्य समाज को भयभीत करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं".
यूरोपीय संघ के नेताओं ने भी घटना पर शोक प्रकट किया है.
मगर नीदरलैंड में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में नीदरलैंड के विदेश मंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ रूस से ये पूछेगा कि आख़िर ये घटना घट कैसे सकती है.
भारत, चीन और अरब जगत के देशों ने भी बंधक कांड के लिए चरमपंथियों की निंदा की है.