शुक्रवार, 16 जुलाई, 2004 को 20:10 GMT तक के समाचार
फ़िलीपींस ने इराक़ में अपने एक नागरिक को बंधक बना लिए जाने के बाद इराक़ से अपनी सेना को वापस बुलाना शुरू कर दिया है.
अपहर्ताओं ने ये धमकी दी थी कि अगर फ़िलीपींस ने इराक़ से अपनी फ़ौज वापस नहीं बुलाई तो वे फ़िलीपीन बंधक की हत्या कर देंगे.
इस धमकी के बाद फ़िलीपींस के 10 सैनिक और उनके कमांडर इराक़ छोड़कर पड़ोसी देश कुवैत चले गए.
फ़िलीपींस सरकार ने कहा है कि उनके बाक़ी सैनिक जल्दी ही इराक़ छोड़ देंगे.
फ़िलीपींस के विदेश मंत्री डेलिया अल्बर्ट ने कहा,"मैं इराक़ गई सेना के कमांडर से मिलकर ये देखूँगा कि मानवीय सहायता के लिए इराक़ गए बाक़ी सैनिकों को वापस लाने के लिए क्या तैयारी की जा रही है."
फ़िलीपीन नागरिक द ला क्रूज़ को पिछले सप्ताह बंधक बना लिए जाने की ख़बर आई थी और एक नए गुट ने 20 जुलाई तक फ़िलीपीन सैनिकों की वापसी की माँग की थी.
गुरूवार को इस गुट ने ये समयसीमा जुलाई के अंत तक बढ़ा दी.
विरोध
अमरीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने फ़िलीपीन सरकार के सेना वापस बुलाने के फ़ैसले को ग़लत क़रार दिया है.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड ने फ़िलीपींस सरकार को पहले ही ये चेतावनी दी थी कि अपहर्ताओं की माँग मान लेने भर से हमले का ख़तरा कम नहीं होगा.
जॉन हावर्ड ने कहा,"मैं अपने एक मित्र देश के साथ कठोर बोल नहीं बोलना चाहता मगर ये एक ग़लती है और इससे उनका बचाव नहीं सकता".
गुरूवार को अमरीकी अधिकारियों ने भी कहा था कि फ़िलीपींस अगर इराक़ से अपनी सेना वापस बुलाने का फ़ैसला करता है तो इससे ग़लत संदेश जाएगा.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैक्लेलन ने कहा,"इस फ़ैसले को देखना बेहद निराशाजनक है क्योंकि इससे चरमपंथियों के लिए ग़लत संदेश जाएगा".
इस बीच थाईलैंड ने भी इराक़ से अपने सैनिक वापस बुलाने की योजना बनानी शुरू कर दी है.