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शनिवार, 10 जुलाई, 2004 को 06:42 GMT तक के समाचार

मंत्रियों का ब्लेयर से बने रहने का आग्रह

ब्रिटेन के कुछ कैबिनेट मंत्री पिछले महीने इस बात से चिंतित थे कि प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर इस्तीफ़ा देने का मन बना रहे हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलकर उनसे पद पर बने रहने का आग्रह किया.

बीबीसी को ये जानकारी मिली है कि पिछले महीने टोनी ब्लेयर के तीन सहयोगियों जॉन रीड, टेसा जॉवेल और चार्ल्स क्लार्क ने प्रधानमंत्री से मिलकर अपना समर्थन जताया.

बीबीसी को पता चला है कि तीनों मंत्रियों ने ब्लेयर से कहा कि उन्हें वित्तमंत्री गोर्डन ब्राउन के समर्थकों की परवाह नहीं करनी चाहिए जो ये कह रहे हैं कि ये वक़्त आ गया है कि ब्लेयर किसी और को सत्ता सौंप दें.

एक और कैबिनेट मंत्री पैट्रिशिया हेविट ने भी इसी समय प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर उनसे अपने पद पर बने रहने का अनुरोध किया.

मतभेद

वैसे टोनी ब्लेयर ने अपने साथियों से कहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कोई समझौता नहीं किया है और वे अपने पद पर बने रहना चाहते हैं.

मगर आनेवाला सप्ताह उनके लिए एक राजनीतिक चुनौती साबित हो सकता है.

बुधवार को एक ओर इराक़ के संबंध में ख़ुफ़िया तंत्र की विफलताओं की जाँच करनेवाली बटलर आयोग की रिपोर्ट आएगी और गुरूवार को लेस्टर तथा बर्मिंघम में उपचुनाव भी होने हैं.

बटलर रिपोर्ट

ख़ुफ़िया नाकामियों की जाँच के बारे में बटलर आयोग की रिपोर्ट बुधवार को आनी है.

विपक्षी कंज़र्वेटिव पार्टी के एक सांसद माइकल मेट्स के अनुसार इस रिपोर्ट में ख़ुफ़िया तंत्र की कमियों को उजागर किया जाएगा.

ऐसी भी उम्मीद है कि इसमें इराक़ के हथियारों के बारे में सरकारी रिपोर्ट तैयार करनेवाले संयुक्त जाँच आयोग के प्रमुख जॉन स्कार्लेट की भी आलोचना की जा सकती है.

स्कार्लेट अगस्त महीने में ब्रितानी ख़ुफ़िया विभाग एमआई6 के प्रमुख बननेवाले हैं.

उनकी नियुक्ति को लेकर टोनी ब्लेयर की आलोचना भी हुई है और कहा गया है कि बटलर रिपोर्ट के निष्कर्षों को देखे बिना स्कार्लेट को इस पद के लिए नहीं नियुक्त किया जाना चाहिए था.

उल्लेखनीय है कि इराक़ के बारे में अमरीकी ख़ुफ़िया संगठन सीआईए की आलोचना के बाद सीआईए प्रमुख जॉर्ज टेनेट को अपना पद छोड़ना पड़ा था.

मगर टेनेट ने कहा ये कि वे व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफ़ा दे रहे हैं.