शनिवार, 03 जुलाई, 2004 को 19:41 GMT तक के समाचार
अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि वे उस रिपोर्ट की जाँच कर रहे हैं जिसमें कहा गया है कि चरमपंथियों ने बंधक बनाए एक अमरीकी सैनिक की गला काटकर हत्या कर दी है.
एक इराक़ी चरमपंथी गुट अंसार-अल-सुन्ना आर्मी ने एक इस्लामी वेबसाइट पर दावा किया है कि उसने लेबनानी मूल के अमरीकी सैनिक वासेफ़ अली हुसैन की गला काट कर हत्या कर दी है.
इस गुट का दावा है कि जल्द ही इसका वीडियो जारी कर दिया जाएगा.
इन चरमपंथियों ने पिछले दिनों चेतावनी दी थी कि अगर सभी इराक़ी क़ैदियों को रिहा नहीं किया जाएगा तो वे इस अमरीकी सैनिक की हत्या कर देंगे.
पिछले रविवार को अरबी टीवी चैनल अल जज़ीरा ने वासेफ़ अली हुसैन का वीडियो दिखाया था जिसमें उसे बंधक की तरह दिखाया गया था और उसकी आँखों पर पट्टी लगी हुई थी.
वासेफ़ अली चार साल पहले लेबनान से अमरीका गए थे.
उन्होंने बाद में अमरीका की नागरिकता ले ली थी.
तीसरी बार
वासेफ़ के पिता लेबनान के उत्तरी बंदरगाह शहर त्रिपोली में रहते हैं. उन्होंने बंधकों से वासेफ़ को छोड़ने की अपील करते हुए कहा है कि वह भी एक मुसलमान और एक अरब है.
अगर इस अमरीकी सैनिक की हत्या की पुष्टि हो गई तो ऐसा तीसरी बार होगा जब किसी बंधक की हत्या हत्या कर दी गई हो.
पिछले महीने एक दक्षिण कोरियाई अनुवादक किम सुन इल की भी इराक़ी चरमपंथियों ने हत्या कर दी थी.
दक्षिण कोरिया ने इन चरमपंथियों की उस माँग को ठुकरा दिया था जिसमें उन्होंने दक्षिण कोरिया से अपने सैनिक वापस बुलाने को कहा था.
जबकि मई में एक अमरीकी नागरिक निक बर्ग की चरमपंथियों ने गला काटकर हत्या कर दी थी.